Ujjain Double Murder Case: उज्जैन में ढाबे पर हंसी-खुशी खाना खा रहे दोस्तों के बीच ऐसा क्या हुआ कि तलवारें निकल आईं? दो लाशें, टूटी गाड़ियां और एक रहस्यमयी धमकी... क्या इस खूनी खेल के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक राज़ छिपा है? आखिर विवाद की असली वजह क्या थी?
Ujjain Karni Sena Clash: धार्मिक नगरी उज्जैन में करणी सेना के दो गुटों के बीच हुए हिंसक टकराव ने पूरे इलाके को दहला दिया है। कानिपूरा स्थित लक्की दरबार ढाबे पर देर रात संगठन में पद और वर्चस्व की लड़ाई को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। इस वारदात में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गुस्साए हमलावरों ने जमकर उत्पात मचाया और गाड़ियों में तोड़फोड़ की, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
पद और पुराने विवाद को लेकर बढ़ी थी कहासुनी
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतक पक्ष देर रात करीब 2 बजे ढाबे पर एक साथ बैठकर खाना खा रहे थे। इस दौरान करणी सेना के अध्यक्ष पद और पुराने आपसी मतभेदों को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्ष पहले साथ बैठकर मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, कहासुनी के बाद राहुल दरबार ने शक्ति सिंह पर हमला कर दिया। इसके बाद शक्ति सिंह के वहां से जाने और कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ लौटने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, इसके बाद करीब 12 से 15 लोग तलवार, चाकू और लाठी-डंडों जैसे हथियारों के साथ पहुंचे और दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। देखते ही देखते ढाबे के आसपास अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान परिसर में खड़ी कई गाड़ियों के कांच फोड़ दिए गए।
राहुल दरबार और जितेंद्र की मौत
इस हमले में नीमनवासा निवासी राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं उंडासा निवासी जितेंद्र पवार भी हमले की चपेट में आए। बताया जा रहा है कि जान बचाने के लिए भागने के दौरान हमलावरों ने उनका पीछा किया और बाद में उनका शव ढाबे से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला। घटना में शक्ति सिंह और पप्पू जाट समेत अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों का इलाज अस्पताल में कराया जा रहा है।
विधायक के संरक्षण और भू-माफिया की एंट्री से गहराया राजनीतिक विवाद
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब मृतक राहुल के परिजनों ने गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। मृतक के मामा हेमंत सिंह चौहान के मुताबिक, शक्ति सिंह के साथ भू-माफिया सोनू बंजारा भी आया था। परिजनों का दावा है कि आरोपियों को स्थानीय विधायक चिंतामणि मालवीय का संरक्षण प्राप्त है और जिस गाड़ी से हमलावर आए थे, उस पर विधायक लिखा हुआ था।
'मैंने ही तुम्हें अध्यक्ष बनवाया है'-विवाद में सामने आया पद का एंगल
पुलिस के अनुसार, शुरुआती विवाद में करणी सेना के पद और नेतृत्व को लेकर भी तीखी बहस हुई थी। एक पक्ष की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि 'मैंने ही तुम्हें अध्यक्ष बनवाया है' और इसके बावजूद उसके लोगों के साथ मारपीट की जा रही है। इससे संकेत मिलता है कि विवाद केवल व्यक्तिगत कहासुनी तक सीमित नहीं था, बल्कि संगठनात्मक वर्चस्व भी इसके पीछे एक अहम वजह हो सकता है। हालांकि, अंतिम कारण पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पांच नामजद, बाकी आरोपियों की पहचान जारी
पुलिस के अनुसार, पप्पू जाट की शिकायत पर हत्या समेत संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पांच लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों को फिलहाल अज्ञात रखा गया है। पुलिस घायलों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।


