Nepal flood 2026: नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ के बाद 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि करीब 200 भारतीय चीन सीमा पार फंसे हैं। MEA ने बताया कि 21 भारतीयों को बचाया गया है और नेपाल में राहत-बचाव अभियान जारी है।
नेपाल-चीन सीमा के पास आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि 288 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि करीब 200 भारतीय चीन की सीमा के दूसरी ओर फंसे हुए हैं। अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा से मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। हजारों लोगों के लापता होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान जारी है।
नेपाल सरकार के संपर्क में भारत, राहत कार्य जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार प्रभावित भारतीय नागरिकों का पता लगाने के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से बातचीत कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव मानवीय सहायता की पेशकश की है। MEA के अनुसार, नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री भी भेजी जा चुकी है और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।
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किन भारतीय नागरिकों से नहीं हो पा रहा संपर्क?
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, संपर्क से बाहर बताए जा रहे लोगों में त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट पर काम करने वाले 73 भारतीय शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के 37 और 49 नागरिकों के दो अलग-अलग समूहों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। पश्चिम बंगाल के 32 नागरिकों का एक समूह, अलग-अलग राज्यों के 61 लोगों का एक समूह और केरल के 33 नागरिकों के समूह से भी संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, ईशा फाउंडेशन से जुड़े एक समूह का भी अभी तक पता नहीं चल पाया है।
अचानक बाढ़ ने मचाई भारी तबाही
नेपाल पुलिस के मुताबिक, बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने कई जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। भोटेकोशी नदी और उससे जुड़े इलाकों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। पुलिस प्रवक्ता अभि नारायण काफले के अनुसार, विभिन्न प्रभावित जिलों से अब तक 270 शव बरामद किए गए हैं। राहत एजेंसियों ने घायलों समेत 800 से अधिक फंसे लोगों को बचाया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भूस्खलन के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ल्हेंदे का प्रवाह बाधित हुआ, जिसके बाद अचानक बाढ़ आई। पानी सबसे पहले चीन सीमा के पास रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके तक पहुंचा।
अब सबसे बड़ी चुनौती भारतीयों तक पहुंचना
नेपाल के विदेश मंत्री के अनुसार, लापता लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल हो सकते हैं। ऐसे में भारत और नेपाल के अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती संपर्क से बाहर भारतीय नागरिकों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित निकालना है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और बचाव अभियान नेपाली प्रशासन के साथ समन्वय में जारी है।
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