Who is Bittu Tabahi: 21 साल के लड़के ने अकेले दम कचरे से भरी अजनार नदी को साफ कर दिया। अब नीदरलैंड्स से बड़ा इंटरनेशनल जॉब ऑफर मिला है। पढ़ें 'बिट्टू तबाही' की कहानी।

Bittu Tabahi Story: जब इरादे पक्के हों, तो एक अकेला इंसान भी पूरा सिस्टम बदल सकता है। मध्यप्रदेश के एक 21 साल के लड़के ने ये सच कर दिखाया है। जिस नदी को लोग कूड़ेदान समझकर पन्नी, प्लास्टिक और गंदगी फेंक-फेंककर भर चुके थे, उस नदी में ये लड़का अकेला उतरा और उसकी सूरत बदल दी। आज इस लड़के के जज्बे की गूंज भारत ही नहीं, सात समंदर पार नीदरलैंड्स तक पहुंच चुकी है। हम बात कर रहे हैं सोशल मीडिया पर 'बिट्टू तबाही' के नाम से मशहूर सुरेंद्र सिंह चौधरी की, जिन्हें पर्यावरण के लिए किए गए इस अनोखे काम के बदले सीधे विदेश से नौकरी का ऑफर मिला है। आइए जानते हैं बिट्टू तबाही की कहानी...

कौन हैं 'बिट्टू तबाही'?

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे के रहने वाले 21 साल के कॉलेज छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी को इंटरनेट की दुनिया 'बिट्टू तबाही' के नाम से जानती है। ब्यावरा से गुजरने वाली अजनार नदी भारी कचरे, काई और प्लास्टिक से पटकर नाले जैसी हो चुकी थी। सुरेंद्र ने इस साल जनवरी में अकेले ही नदी में उतरकर कचरा निकालने का बीड़ा उठाया। इस काम के लिए उनके पास कोई सरकारी फंड नहीं था। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर केआर टॉक्स के मुताबिक, सुरेंद्र ने अपनी जेब से करीब ₹30,000 खर्च करके सफाई के जरूरी साधन जुटाए। शुरुआत में जब वे गंदे पानी में उतरते, तो लोग उनका मजाक उड़ाते थे और बीमारी का डर दिखाते थे, लेकिन सुरेंद्र ने हार नहीं मानी और अपने सफाई के वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर करने लगे।

अकेले शुरू की लड़ाई, फिर साथ आया प्रशासन

सुरेंद्र का काम देखकर लोगों का नजरिया बदला और सोशल मीडिया पर उनके वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इसके बाद स्थानीय नगर पालिका को भी आगे आना पड़ा। प्रशासन ने जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाकर नदी से भारी कचरा निकालने में उनकी मदद की। आज अजनार नदी के कई हिस्से पूरी तरह साफ और सुंदर नजर आने लगे हैं।

नीदरलैंड्स से मिला नौकरी का ऑफर

एक छोटे से कस्बे के लड़के के देसी जुगाड़ और जज्बे को दुनिया के सबसे बड़े एनवायर्नमेंटल स्टार्टअप में से एक ने जॉब का ऑफर दे दिया। समुद्र और नदियों से प्लास्टिक कचरा साफ करने वाली नीदरलैंड्स की मशहूर ग्लोबल संस्था 'द ओशन क्लीनअप' (The Ocean Cleanup) के फाउंडर और सीईओ बोयन स्लैट (Boyan Slat) की नजर जब बिट्टू के इस काम पर पड़ी, तो वे दंग रह गए। उन्होंने सुरेंद्र के वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा- 'Come work for us' मतलब 'आइए, हमारे साथ काम कीजिए।'

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी घर बुलाकर की तारीफ

एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुरेंद्र को भोपाल स्थित अपने आवास पर बुलाकर सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि बिट्टू ने साबित कर दिया है कि समाज में बड़ा बदलाव लाने के लिए किसी भारी भीड़ की जरूरत नहीं होती, एक नेक और पक्की पहल ही काफी है। उन्होंने कहा कि बिट्टू की यह कोशिश राज्य के जल गंगा संवर्धन अभियान को नई ताकत देती है और पूरे प्रदेश को उन पर गर्व है।

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'खुद आगे आएं, सिर्फ सरकार के भरोसे न बैठें'

अपनी इस कामयाबी पर सुरेंद्र का कहना है, 'सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन हम नागरिकों को भी अपनी सोच बदलनी होगी। जैसे हम अपने घर को साफ रखते हैं, वैसे ही अपने आसपास के पर्यावरण और नदियों को भी साफ रखना हमारी जिम्मेदारी है। मैंने अपनी शुरुआत कर दी है, अब आपकी बारी है। जहां भी गंदगी दिखे, खुद आगे बढ़ें और सफाई करें।'