बागेश्वर बाबा की दुर्गा पूजा में शाकाहारी बनने की अपील पर बंगाल के BJP नेता सामिक भट्टाचार्य ने जवाब देते हुए साफ कहा कि बंगाली मछली-मांस नहीं छोड़ सकते।

Bageshwar Baba Controversy: पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने सोमवार को मध्य प्रदेश के धार्मिक गुरु बागेश्वर बाबा की उस अपील पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों से दुर्गा पूजा के दौरान शाकाहारी भोजन करने को कहा था। भट्टाचार्य ने बागेश्वर धाम के मुख्य पुजारी और बागेश्वर बाबा के नाम से मशहूर 30 वर्षीय धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का नाम लिए बिना कहा कि बंगाली लोगों के लिए मछली और मांस छोड़ना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, "बंगाली मछली और मांस कैसे नहीं खा सकते? स्वामी विवेकानंद ने भी कहा था कि मां काली को मटन चढ़ाया जाएगा। अगर कोई विवेकानंद से ऊपर उठने की कोशिश करता है तो यह खतरनाक है। यह उनकी निजी राय है।"

BJP बोली- खाने और पहनने पर कोई फरमान नहीं

सामिक भट्टाचार्य ने सोमवार को साफ किया कि उनकी पार्टी लोगों के खान-पान को लेकर कोई फरमान जारी नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "पश्चिम बंगाल में लोग क्या खाएंगे और क्या पहनेंगे, इस पर हमें कुछ नहीं कहना है। बंगाली वही करेंगे जिसके वे आदी हैं। जो धोती पहनना चाहते हैं, वे पहनेंगे। जो लुंगी पसंद करते हैं, वे लुंगी पहनेंगे। बंगाली मछली कैसे नहीं खा सकते? यह तो चलता ही रहेगा। बाहर से आकर कोई क्या कहता है, इसकी चिंता क्यों करें?"

'शाकाहार की अपील गलत नहीं, लेकिन फैसला लोगों का'

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि लोगों से शाकाहारी बनने की अपील करने में कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कहा कि शाकाहार को लेकर एक अभियान भी चल रहा है और कई लोग तथा कुछ डॉक्टर भी इसे अपनाने की सलाह देते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कोई साधु या राजनीतिक पार्टी किसी व्यक्ति को यह नहीं बता सकती कि वह अपने घर में क्या खाएगा। उन्होंने कहा, "वे पूरे देश में सम्मानित और लोकप्रिय हैं। उन्होंने बस एक अपील की है।"

सोशल मीडिया पर बागेश्वर बाबा की आलोचना

बागेश्वर बाबा के बयान के बाद X और Facebook पर कई पोस्ट सामने आईं, जिनमें बंगाली हिंदुओं पर अपनी बात थोपने की कोशिश करने के लिए उनकी आलोचना की गई। पत्रकार और लेखक अभिजीत मजूमदार ने X पर लिखा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुत्व का अपना अलग और मुखर रूप है। उन्होंने राज्य को हिंदू राष्ट्रवाद का जन्मस्थान और शाक्त पूजा का प्रमुख केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन के खिलाफ बागेश्वर धाम की अपील जानकारी की कमी वाली और गैर-जरूरी है और यह बंगाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

तीन दिन की हनुमंत कथा के लिए बंगाल पहुंचे थे बागेश्वर बाबा

बागेश्वर बाबा पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के लिलुआ में 3 दिन की हनुमंत कथा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। शनिवार को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के ऑडिटोरियम 'सौजन्य' में उनके लिए डिनर का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री भी शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रविवार को X पर डिनर की तस्वीरें शेयर की थीं और धार्मिक गुरु को 'बागेश्वर महाराज' बताया था।

दुर्गा पूजा पंडालों के पास मांसाहार पर जताई थी नाराजगी

रविवार को लिलुआ में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बागेश्वर बाबा ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल की एक बात पसंद नहीं है। उन्होंने नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "कृपया बुरा न मानें, लेकिन पश्चिम बंगाल के बारे में एक बात मुझे पसंद नहीं है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के पास मांसाहारी भोजन किया जाता है। हर तरह का गंदा खाना बनाया जाता है।" उन्होंने आगे लोगों से अपील करते हुए कहा कि आने वाली नवरात्रि के दौरान हर हिंदू जागे और ऐसे लोगों को बाहर निकाले। उन्होंने ऐसे लोगों को पवित्र नहीं बताया और कहा कि वे धर्म का अपमान कर रहे हैं।

बयान के बाद बंगाली हिंदुओं में प्रतिक्रिया

बागेश्वर बाबा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बंगाली हिंदुओं के बीच इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। यह विवाद विश्व हिंदू परिषद के 26 अगस्त के उस बयान के कुछ दिन बाद सामने आया, जिसमें कहा गया था कि दुर्गा पूजा पंडालों से मांसाहारी भोजन को दूर रखा जाना चाहिए।

खान-पान का मुद्दा BJP के लिए फिर बना चुनौती

खान-पान की आदतों को लेकर उठा यह विवाद एक बार फिर BJP के लिए राजनीतिक चुनौती बन गया है। करीब चार महीने पहले तत्कालीन सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रचार किया था कि अगर BJP सत्ता में आई तो बंगालियों को शाकाहारी बनने के लिए मजबूर किया जाएगा। इसके जवाब में BJP के नेताओं को या तो मछली के साथ प्रचार करना पड़ा था या फिर सार्वजनिक रूप से मछली खानी पड़ी थी।