Nepal Flash Flood News: बिना बारिश अचानक आई 100 मीटर ऊंची पानी की खौफनाक लहर और पलभर में मिट गया पूरा शहर! आंखों के सामने बह गए बेटे-पत्नी! अपनों को बहते देखने की वो भयानक दास्तान, जिसने नेपाल से तिब्बत तक की जमीन हिला दी...आखिर कैसे आई यह अनदेखी तबाही?
Nepal Flood Survivor Stories: नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसकी तस्वीरें देखकर रोंगटे खड़े हो रहे हैं। भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग समेत कई इलाकों में बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया। ताजा नेपाली सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 165 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 826 लोग अब भी लापता हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। लेकिन इस तबाही के आंकड़ों के पीछे उन परिवारों की दर्दनाक कहानियां हैं, जिन्होंने कुछ ही सेकंड में अपने अपनों को आंखों के सामने खो दिया।
आसमान छूती 100 मीटर ऊंची लहरें और अचानक मची चीख-पुकार
यह भयावह हादसा तब हुआ जब ग्लेशियर टूटने से भोटे कोशी की सहायक नदी 'ल्हेन्डे' का प्राकृतिक बहाव अवरुद्ध हो गया। इससे जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई और पानी का विशाल सैलाब रसुवागढ़ी के तिमुरे इलाके की ओर बढ़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस दिन बारिश का कोई नामोनिशान नहीं था। रसुवा कस्टम्स के मुख्य अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि अचानक जमीन हिलने लगी और धुएं के गुबार के साथ करीब 100 मीटर ऊंची पानी की विशाल लहर तिमुरे बाजार को निगल गई। महज कुछ सेकंडों में पूरा बाजार जलमग्न हो गया और 300 से अधिक खड़े वाहन बह गए।
'बेटा और पत्नी आंखों के सामने बह गए': सर्वाइवर का दिल दहला देने वाला दर्द
नुवाकोट के त्रिशूली बाजार के एक स्थानीय व्यापारी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि प्रशासन ने उन्हें सुबह तिब्बत की तरफ भोटे कोशी पर बने बांध टूटने की सूचना दी और ऊंचे इलाकों की ओर भागने को कहा। लेकिन पानी का वेग इतना तेज था कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने रुंधे गले से बताया, "मेरा 18 साल का बेटा और मेरी पत्नी कुछ ही सेकंड में मेरी आंखों के सामने पानी में बह गए।" नुवाकोट में बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी घरों की पहली मंजिल तक कई मीटर मोटी गाद जमा हो चुकी है, जिससे बचाव दल को शवों को तलाशने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
300 भारतीय तीर्थयात्री भी लापता, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुआ राहत अभियान
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के अनुसार, लापता लोगों में मानसरोवर यात्रा पर गए लगभग 300 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। उधर, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में भी 558 लोग लापता दर्ज किए गए हैं। आपदा की भयावहता को देखते हुए वैश्विक समुदाय मदद के लिए आगे आया है। भारत ने तुरंत 10 टन मानवीय सहायता भेजी है, जबकि अमेरिका ने 5 लाख डॉलर और रेड क्रॉस ने 1.4 मिलियन डॉलर की सहायता राशि जारी की है। यूरोपीय संघ ने अपनी कोपरनिकस सैटेलाइट निगरानी प्रणाली को एक्टिवेट कर दिया है ताकि मलबे के नीचे दबे लोगों का सुराग लगाया जा सके।
1,300 से ज्यादा लोग लापता, भारतीय नागरिक भी शामिल
नेपाल और तिब्बत में लापता लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। नेपाल में 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है। इनमें बड़ी संख्या में पर्यटक और विदेशी नागरिक शामिल हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने करीब 300 भारतीय नागरिकों के लापता होने की जानकारी दी है, जिनमें बड़ी संख्या में मानसरोवर तीर्थयात्री बताए गए हैं। वहीं चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। दोनों देशों के आंकड़ों में संभावित ओवरलैप को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।


