Reddit Viral Story: न्यूयॉर्क के 35 साल के क्रिस स्मॉल्स को 9 महीने की बेरोजगारी के बाद एक टेक कंपनी में नौकरी मिली थी। लेकिन जॉइन करने के सिर्फ ढाई घंटे बाद ही उन्हें 'हाइजीन' का बहाना देकर निकाल दिया गया। क्रिस का कहना है कि वो नहाकर और नए कपड़े पहनकर गए थे, फिर भी उनके साथ ऐसा क्यों हुआ, ये उन्हें समझ नहीं आ रहा।

Hygiene Issue at Workplace: नई नौकरी का पहला दिन किसी के लिए भी खुशी का मौका होता है, लेकिन न्यूयॉर्क के 35 साल के क्रिस स्मॉल्स के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ। क्रिस को ऑफिस पहुंचे अभी सिर्फ ढाई घंटे ही हुए थे कि उन्हें 'हाइजीन' (साफ-सफाई) का हवाला देकर नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने अपनी यह अजीबोगरीब कहानी रेडिट (Reddit) पर शेयर की है, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

क्रिस पिछले करीब 9 महीने से बेरोजगार थे। काफी कोशिशों के बाद उन्हें एक टेम्प एजेंसी के जरिए एक टेक कंपनी में काम मिला था। पहले दिन अच्छा इंप्रेशन जमाने के लिए उन्होंने एक रात पहले ही अच्छे से नहा लिया था और पहनने के लिए एक बिल्कुल नई पोलो शर्ट भी निकाल कर रख ली थी।

ऑफिस टूर, ट्रेनिंग और फिर अचानक मिला धोखा

ऑफिस में शुरुआती कुछ घंटे बिल्कुल नॉर्मल बीते। सुपरवाइजर ने क्रिस को पूरा ऑफिस घुमाया और काम के बारे में समझाया। इसके बाद एक दूसरे कर्मचारी ने उन्हें ट्रेनिंग देना शुरू किया।

लेकिन थोड़ी ही देर में कहानी पलट गई। सुपरवाइजर ने क्रिस से कहा कि वो जल्दी लंच ब्रेक पर चले जाएं। क्रिस ऑफिस से बाहर निकलते, उससे पहले ही उनके पास टेम्प एजेंसी का फोन आ गया। फोन पर उन्हें बताया गया कि 'हाइजीन' से जुड़ी दिक्कतों की वजह से उनका असाइनमेंट तुरंत खत्म किया जा रहा है।

'मैं नहाकर गया था, फिर मुझे क्यों निकाला?'

कंपनी का यह फैसला क्रिस के बिल्कुल समझ से बाहर था। उनका कहना है कि वो अच्छे से नहाए थे, दांत साफ किए थे और बिल्कुल नई शर्ट पहनकर गए थे। उनके कपड़ों से किसी तरह की कोई बदबू नहीं आ रही थी।

अपनी तसल्ली के लिए क्रिस ने अपने दो दोस्तों से भी इस बारे में पूछा। दोनों दोस्तों ने साफ कहा कि उनके शरीर से कोई अजीब महक या बदबू नहीं आ रही थी। इसके बावजूद, न तो कंपनी ने और न ही सुपरवाइजर ने यह साफ किया कि आखिर उन्हें क्रिस की हाइजीन में क्या कमी नजर आई।

नौकरी तो गई, लेकिन असली वजह अब भी एक राज

इस घटना के बाद क्रिस लगातार यही सोच रहे हैं कि आखिर उनसे क्या गलती हुई। वो खुद से सवाल कर रहे हैं कि क्या उनकी किसी छोटी सी बात का गलत मतलब निकाल लिया गया। हालांकि, उन्हें नौकरी से निकाले जाने की असली वजह अब तक पता नहीं चल पाई है।

रेडिट पर क्रिस की इस कहानी को पढ़कर बहुत से लोग उनके सपोर्ट में उतर आए हैं। कुछ लोगों को कंपनी के इस 'हाइजीन' वाले बहाने पर शक हो रहा है, तो कुछ का मानना है कि इसके पीछे कोई और ही वजह रही होगी। हालांकि, ये सब सिर्फ लोगों के अंदाजे हैं। कंपनी की तरफ से इस मामले में अब तक कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

9 महीने के लंबे इंतजार के बाद मिली नौकरी का सिर्फ ढाई घंटे में हाथ से निकल जाना क्रिस के लिए बहुत निराशाजनक है। नौकरी जाने से ज्यादा उन्हें इस बात की तकलीफ है कि उन्हें निकाले जाने की असली वजह कभी बताई ही नहीं गई।