Elephant Viral Video: पश्चिम बंगाल की तीस्ता नदी में तेज बहाव के बीच नवजात हाथी बहने लगा। मछुआरों और वन विभाग की मदद से उसे सुरक्षित बचाकर मां से मिलाया गया।
पता नहीं किस रूप में नारायण मिल जाए, इस गानें की लाइन लगभग हर किसी ने सुनी होगी। यह भले इंसानों के लिए हो लेकिन कभी-कभी इंसान भी कुछ ऐसा कर देते हैं तो काबिल ए तारीफ होता है। इस वक्त सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जहां नवजात हाथ की बच्चा तेज पानी की धारा में चला गया और पानी की धारा में बह रहा है। इस दौरान नदी में मछली पकड़ रहे मछुआरों ने बिना देरी किए उसे बचाने में लग गए, इस दौरान वन विभाग भी मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद हाथी के बच्चे को बचा लिया गया। यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
डूबते हाथी के लिए 'नारायण' बनें मुछआरे
मामला पश्चिम बंगाल का है, जहां तीस्ता नदी पर यह घटना हुई। वीडियो को एक्स प्लेटफॉर्म पर IAS सुप्रिया शाहू ने शेयर किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा- "बाढ़ में तेज बहाव में तीस्ता नदी में हाथी के नवजात बच्चे को स्थानीय मछुआरों ने अपनी बहादुरी और सूझबूझ से बचाया। वन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आखिरकार नन्हें हाथी को अपनी मां से मिलवा दिया। इस कोशिश के लिए मछुआरों और बैकुंठपुर वन विभाग की जितनी तारीफ की जाए, कम है।"
बता दें कि देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया है, इसे अभी तक 1 लाख व्यूज और 630 से ज्यादा रीट्वीट मिल चुके हैं।
लोगों ने की मछुआरों की तारीफ
वहीं, एक्स यूजर्स भी बाढ़ और उफनाती नदी के बीच हाथी के बच्चे की जान बचाने वाली मछुआरों के मुरीद हो गए। Ajeet नामक आईडी ने लिखा- आपने इस खूबसूरत रेस्क्यू करके न सिर्फ साहस और करुणा को सराहा, बल्कि वन्यजीवों के प्रति जागरूकता और प्रेम का संदेश भी दिया।आपकी संवेदनशीलता और वन्यजीवों के प्रति प्रेम सच में काबिले-तारीफ है। बहुत शानदार कार्य!
Shankargouda V Patil लिखते हैं- शानदार काम। उनकी हिम्मत, लगन और बहादुरी के सलाम। मछुआरों का यह सराहनीय प्रयास वाकई में काबिल ए तारीफ है।


