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हादसों पर लगेगा ब्रेक? अगर दिखे ये खतरनाक जगहें, तुरंत फोन करें… नोएडा प्राधिकरण ने जारी किया नंबर
नोएडा सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया है। सीएम योगी के निर्देश पर एसआईटी गठित हुई, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ हटाए गए और शहर की 48 खतरनाक जगहें चिन्हित की गईं।

नोएडा हादसे के बाद जागा सिस्टम, लेकिन सवाल अब भी कायम
नोएडा सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने सिर्फ एक परिवार को नहीं तोड़ा, बल्कि पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जिस लापरवाही ने एक युवा की जान ली, उस पर अब कार्रवाई तो शुरू हुई है, लेकिन यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर पहले चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाता, तो क्या युवराज आज जिंदा होता?
युवराज मेहता की मौत के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है और पांच दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही लापरवाही की जिम्मेदारी तय करते हुए नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम को हटा दिया गया है।
48 संवेदनशील जगहें चिन्हित, जहां बना है हादसे का खतरा
घटना के बाद हरकत में आए प्राधिकरण ने शहर में 48 ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इनमें ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सेक्टर पी-3, 130 मीटर रोड, सूरजपुर रोड और कसना रोड जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों को नालों पर बने पुलों, सर्विस रोड और मुख्य सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर रिफ्लेक्टर मार्किंग, अवैध कट बंद कराने और चेतावनी संकेत लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि ने साफ निर्देश दिए हैं कि शहर में जितने भी निर्माणाधीन या लंबे समय से खाली पड़े प्रोजेक्ट हैं, वहां तुरंत सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य की गई है, खासकर घने कोहरे और रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए। बिल्डरों को इन निर्देशों के पालन के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
सड़क किनारे स्लैब और अवैध कट होंगे बंद
प्राधिकरण ने सड़क किनारे मजबूत स्लैब बनाने, तिराहों-चौराहों पर डिवाइडर सुधारने और अवैध कट बंद करने का भी फैसला लिया है। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि नागरिकों की शिकायतों को नजरअंदाज करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों से मांगी मदद, जारी किए गए संपर्क नंबर
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के महाप्रबंधक योजना एके सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास मौजूद संवेदनशील स्थानों, खुले नालों और खतरनाक सड़कों की जानकारी प्राधिकरण को दें। उनका कहना है कि नागरिकों की जागरूकता किसी की जान बचा सकती है। इसके लिए अलग-अलग वर्क सर्किल के अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं।
- नरोत्तम सिंह 9205691111
- राजेश कुमार निम 8130770146
- रतिक 9205691275
- सन्नी यादव 8810703078
- नरोत्तम सिंह 9205691111
- नागेंद्र सिंह 9415726716
पहले भी हो चुके हैं हादसे, फिर भी नहीं टूटा लापरवाही का सिलसिला
ग्रेटर नोएडा एक्टिव सिटीजन टीम के पदाधिकारी हरेंद्र भाटी का कहना है कि सेक्टर-150 की घटना कोई पहली नहीं है। इससे पहले भी सेक्टर पी-3 में दिल्ली को जोड़ने वाली सड़क पर एक युवक कार समेत नाले में गिरकर जान गंवा चुका है। इसके बावजूद वहां आज तक न तो पर्याप्त लाइट लगी है और न ही रिफ्लेक्टिव संकेतक। सिर्फ दो पाइप लगाकर जिम्मेदारी पूरी मान ली गई, जबकि खतरा आज भी बना हुआ है।
युवराज मेहता की मौत के बाद सिस्टम जरूर हरकत में आया है, लेकिन यह कार्रवाई तब क्यों नहीं हुई, जब पहले शिकायतें की जा रही थीं? क्या प्रशासन हर बार किसी की जान जाने के बाद ही जागेगा? इन सवालों के जवाब अब एसआईटी की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई में ही छिपे हैं। फिलहाल, शहर की निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या यह बदलाव स्थायी होगा या फिर वक्त के साथ सब कुछ फिर पुराने ढर्रे पर लौट जाएगा।
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