यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। महिलाओं को साथ लेकर सरकार बनाने के बयान पर राजभर ने PDA और सपा की रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने सोनिया गांधी और वंदे मातरम विवाद पर भी बयान दिया।
उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। बलिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजभर ने अखिलेश यादव के महिलाओं को साथ लेकर सरकार बनाने वाले बयान पर सवाल खड़े किए और कहा कि उन्हें अब यह समझ नहीं आ रहा कि वह क्या बोल रहे हैं और क्या कर रहे हैं। राजभर ने यहां तक कहा कि अखिलेश यादव अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उनके इस बयान ने यूपी की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
'पहले पीडीए, अब महिलाएं... PDA कहां गया?'
बलिया में एक कार्यक्रम में पहुंचे ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले वह 'पीडीए' की बात कर रहे थे, जबकि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति यानी PDA की चर्चा होती थी। अब महिलाओं को साथ लेकर सरकार बनाने की बात कही जा रही है। राजभर ने सवाल किया कि आखिर PDA किस आधार पर खड़ा होगा? उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी राजनीति की दिशा क्या है।
उनका निशाना समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण पर था। राजभर के बयान से साफ है कि सत्तारूढ़ गठबंधन और समाजवादी पार्टी के बीच सामाजिक समीकरणों को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज होने वाला है।
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महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने महिला संबंधी बिल के विरोध को लेकर भी विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब ऐसे नेता जनता के बीच जाएंगे तो महिलाएं 'झाड़ू-बेलन' लेकर उनका स्वागत करेंगी। हालांकि, इस बयान का राजनीतिक संदर्भ महिलाओं से जुड़े विधेयक और उस पर विपक्ष की स्थिति को लेकर था। राजभर लगातार महिला भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते रहे हैं।
अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर अखिलेश से सवाल
अवंती बाई लोधी की स्वर्ण प्रतिमा लगाए जाने के सवाल पर भी राजभर ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि समाजवादी पार्टी ने सत्ता में रहने के दौरान कितने महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाईं? इस बयान के जरिए राजभर ने पिछड़े वर्ग और सामाजिक प्रतीकों की राजनीति को लेकर सपा के पुराने शासन पर सवाल खड़े करने की कोशिश की।
सोनिया गांधी पर भी वंदे मातरम को लेकर हमला
राजभर ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने वंदे मातरम के कथित अपमान के मुद्दे पर कहा कि इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में वंदे मातरम को लेकर नियम बनाए गए हैं और देश कानून तथा संविधान के अनुसार चलता है। राजभर ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
2027 से पहले यूपी की सियासत में बढ़ेगी बयानबाजी?
ओम प्रकाश राजभर के ताजा बयान को 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच देखा जा रहा है। एक तरफ सपा अपने सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, वहीं बीजेपी और उसके सहयोगी दल विपक्ष के PDA मॉडल और उसकी राजनीतिक रणनीति पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में राजभर का यह हमला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं माना जा सकता। आने वाले दिनों में PDA, महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक समीकरण यूपी की चुनावी राजनीति के बड़े मुद्दों में शामिल हो सकते हैं।
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