Rajasthan Tribal Girls Hostel: राजस्थान के सिरोही में करीब 50 आदिवासी छात्राएं हॉस्टल की खराब व्यवस्थाओं और भोजन में कीड़े मिलने के आरोप को लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचीं। कलेक्टर ने शिकायतें सुनकर जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान के सिरोही में सोमवार को उस वक्त प्रशासनिक हलचल बढ़ गई, जब आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की करीब 50 छात्राएं पैदल जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। छात्राओं के हाथ में कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि हॉस्टल की रोजमर्रा की परेशानियों से जुड़ी शिकायतें थीं। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और रहने की व्यवस्थाओं को लेकर जिला कलेक्टर के सामने अपनी बात रखी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में लंबे समय से व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं और कई बार खाने में कीड़े मिलने की शिकायत भी सामने आई है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हुआ।
खाने में कीड़े मिलने का छात्राओं ने लगाया आरोप
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। उनके मुताबिक, कई मौकों पर खाने में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आ चुकी है। छात्राओं ने भोजन के अलावा हॉस्टल की साफ-सफाई और रहने की व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि इन समस्याओं के कारण उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, भोजन में कीड़े मिलने समेत छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यह भी पढ़ें: अमेरिकी सैनिक को पकड़ो या मारो और पाओ 30 हजार डॉलर! ईरान के कथित ऐलान से मचा हड़कंप
वार्डन पर बदसलूकी और अपशब्द कहने का आरोप
छात्राओं ने हॉस्टल की वार्डन के व्यवहार को लेकर भी कलेक्टर से शिकायत की। आरोप है कि जब छात्राएं भोजन या अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अपनी समस्या बताती हैं तो उनके साथ कथित तौर पर ठीक व्यवहार नहीं किया जाता। छात्राओं ने वार्डन पर बदसलूकी और अपशब्द कहने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।
कलेक्टर ने करीब एक घंटे तक सुनी छात्राओं की बात
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं से जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने करीब एक घंटे तक बातचीत की। उन्होंने छात्राओं की शिकायतों को विस्तार से सुना और मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार और शिक्षा विभाग के एडीपीसी को बुलाकर मामले की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से शिकायतों की वास्तविक स्थिति पता लगाने के लिए जांच के निर्देश दिए गए हैं।
जांच कमेटी करेगी हॉस्टल की व्यवस्थाओं की पड़ताल
कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतों की जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। कमेटी हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई, रहने की व्यवस्था और वार्डन के कथित व्यवहार से जुड़ी शिकायतों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि छात्राओं के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है। अगर आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
चार सरकारी वाहनों से छात्राओं को हॉस्टल भेजा गया
कलेक्ट्रेट पहुंची छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उन्हें वापस हॉस्टल पहुंचाने की व्यवस्था भी की। कलेक्टर के निर्देश पर करीब चार सरकारी वाहनों से सभी छात्राओं को सुरक्षित हॉस्टल भेजा गया। अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट अहम होगी। छात्राओं की शिकायतों पर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए हैं, लेकिन हॉस्टल की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार कितना होता है, यह आने वाले दिनों में सामने आएगा।
यह भी पढ़ें: BJP New Team: कौन बना उपाध्यक्ष और किसे मिला महामंत्री पद? सामने आई पूरी लिस्ट
