पाकिस्तान के कराची में एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ है। गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित रेंजर्स हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में 4 लोगों की जान चली गई है।
Karachi Attack: पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची शनिवार शाम अचानक धमाकों और गोलियों की आवाज से दहल उठी। लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स मुख्यालय के पास एक बड़ा हमला हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हमले में 4 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 3 रेंजर्स जवान शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं कई अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया और बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

कैसे हुआ हमला?
लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर ने रेंजर्स परिसर को निशाना बनाते हुए विस्फोट किया। इसके तुरंत बाद कुछ अन्य हथियारबंद लोगों ने सुरक्षा कर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि पहले एक बड़ा धमाका हुआ, फिर दो छोटे विस्फोट सुनाई दिए। इसके बाद करीब 30 मिनट तक रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही। यही वजह रही कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे।
यूनिवर्सिटी रोड पर मचा हड़कंप
यह हमला कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में हुआ, जो शहर का काफी व्यस्त इलाका माना जाता है। यहीं कई बड़े विश्वविद्यालय मौजूद हैं। पाकिस्तान मौसम विभाग का कार्यालय भी इसी क्षेत्र के पास स्थित है। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही मिनटों में पुलिस, रेंजर्स और रेस्क्यू टीमों ने पूरे इलाके को घेर लिया।
सड़कें बंद, पूरे इलाके की घेराबंदी
सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर आसपास की सभी प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया। कई घंटों तक किसी को अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अतिरिक्त पुलिस बल और विशेष कमांडो यूनिट्स को भी मौके पर तैनात किया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में भारी पुलिस बल और सुरक्षा वाहनों की मौजूदगी दिखाई दी। हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री ने मांगी पूरी रिपोर्ट
घटना के बाद सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही हमले के पीछे की वजह और जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं।


