शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर के जनाज़े में LeT से जुड़े नेताओं की मौजूदगी वाले वीडियो ने पाकिस्तान में आतंकियों को कथित संरक्षण पर नए सवाल खड़े कर दिए। 

Shoaib Akhtar Brother Funeral: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से एक ऐसी सनसनीखेज और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद को लेकर उसकी नीयत को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज और दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के सगे भाई के अंतिम संस्कार (जनाजे) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है। इस वीडियो के सामने आते ही पूरी दुनिया के खुफिया गलियारों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस जनाजे में भारत के सबसे बड़े दुश्मन और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष नेताओं को खुलेआम घूमते और दुआ पढ़ते देखा गया है।

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मौत का मातम और अचानक पहुंचे 'विशिष्ट' मेहमान: जब कैमरे में कैद हुआ खौफनाक सच

यह दुखद घटना तब शुरू हुई जब पाकिस्तानी मीडिया ने रिपोर्ट किया कि शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर का तीन दिन पहले दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने के कारण अचानक निधन हो गया था। शोएब अख्तर ने खुद बेहद भावुक होकर सोशल मीडिया पर अपने भाई की मौत की पुष्टि की थी। लेकिन, इस दुखद घड़ी में सस्पेंस और डर का माहौल तब पैदा हो गया, जब लश्कर-ए-तैयबा की राजनीतिक शाखा माने जाने वाले संगठन 'पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग' (PMML) ने खुद अपने आधिकारिक हैंडल से एक वीडियो जारी कर दिया। इस वीडियो ने यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान में आतंकियों और वहां की मशहूर हस्तियों के बीच के रिश्ते कितने गहरे और डरावने हैं।

जनाज़े में आखिर कौन-कौन दिखा?

जैसे ही खुफिया एजेंसियों ने उस वीडियो को डिकोड किया, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कैमरे की नजर में कोई छोटे-मोटे लोग नहीं, बल्कि मुंबई 26/11 आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद के सबसे करीबी और वफादार कमांडर साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। वीडियो में पीएमएमएल (PMML) का इस्लामाबाद प्रमुख इनाम-उर-रहमान कंबोह अग्रिम पंक्ति में खड़ा नजर आया। इतना ही नहीं, उसके ठीक बगल में संगठन का डिप्टी जनरल सेक्रेटरी अब्दुल्ला टूर, जोनल जनरल सेक्रेटरी हाफ़िज़ उमर और खिदमत कमेटी का चेयरमैन अमजद भट्टी भी मृतक की आत्मा की शांति के लिए कतार में खड़े होकर दुआ मांगते दिखे।

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रावलपिंडी एक्सप्रेस की रहस्यमयी चुप्पी: आखिर शोएब अख्तर क्यों नहीं बोल रहे?

इस बेहद संवेदनशील और गंभीर खुलासे के बाद सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा की मीडिया तक पर थू-थू हो रही है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के पारिवारिक कार्यक्रम में इन प्रतिबंधित आतंकियों को एंट्री कैसे मिली? हालांकि, इस पूरे विवाद और दुनिया भर से हो रही तीखी आलोचनाओं के बीच 'रावलपिंडी एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर शोएब अख्तर ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है। उन्होंने आतंकियों की इस मौजूदगी पर अब तक कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिसने इस पूरे मामले के सस्पेंस और विवाद को और ज्यादा हवा दे दी है।

भारत की वो पुरानी चेतावनी हुई सच: आतंकियों की 'सुरक्षित पनाहगाह' बना पाकिस्तान

पाकिस्तान के एक बेहद हाई-प्रोफाइल वीआईपी कार्यक्रम में इन खूंखार आतंकियों की सरेआम मौजूदगी ने वैश्विक मंच पर भारत के उस स्टैंड को एक बार फिर सौ फीसदी सही साबित कर दिया है, जिसमें भारत हमेशा से कहता आया है कि पाकिस्तान आतंकियों को सिर्फ पालता ही नहीं, बल्कि उन्हें समाज में खुलेआम घूमने की आजादी भी देता है। भारत दशकों से पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद का दंश झेल रहा है। इस ताजा वीडियो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव और दावों के बावजूद, इस्लामाबाद की सरजमीं पर आज भी आतंकी मास्टरमाइंड बेहद सुरक्षित और बेखौफ तरीके से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।

क्यों बढ़ गई अंतरराष्ट्रीय चिंता?

विश्लेषकों का मानना है कि यदि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या अंतिम संस्कार में प्रतिबंधित आतंकी नेटवर्क से जुड़े बताए जाने वाले लोग खुलकर दिखाई देते हैं, तो इससे पाकिस्तान में ऐसे संगठनों की सक्रियता को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं और गहरी हो सकती हैं। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद को संरक्षण देने के आरोप लगाता रहा है। नई तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, केवल किसी कार्यक्रम में मौजूदगी अपने आप में किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत भूमिका या कानूनी जिम्मेदारी का प्रमाण नहीं मानी जा सकती।