अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि डोनाल्ड ट्रम्प अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। PM मोदी से मजबूत रिश्तों, ट्रेड डील और क्वाड सहयोग पर चर्चा होगी।

Donald Trump India Visit 2026: वैश्विक कूटनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बहुत जल्द भारत की धरती पर कदम रखने वाले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को एक ऐसा सनसनीखेज एलान किया है, जिसने न सिर्फ एशिया बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। रुबियो के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प अगले साल की शुरुआत में भारत का एक बड़ा और ऐतिहासिक दौरा करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच के "शानदार" और अभूतपूर्व केमिस्ट्री का जिक्र करते हुए उन्होंने साफ कर दिया है कि यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों को एक बिल्कुल नए युग में ले जाएगा।

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आधी रात को वॉशिंगटन से आई वो खबर: साल खत्म होने से पहले भारत आएंगे रुबियो!

इस महा-दौरे का सस्पेंस उस वक्त और गहरा गया जब वॉशिंगटन डीसी में समाचार एजेंसी आईएएनएस (IANS) से ​​बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा सीक्रेट साझा किया। रुबियो ने खुलासा किया कि इस ऐतिहासिक यात्रा को फुलप्रूफ बनाने और तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वे खुद इसी साल के खत्म होने से पहले भारत का एक त्वरित दौरा करेंगे। रुबियो ने बेहद उत्साह के साथ कहा, "हम लगातार इसी दिशा में काम कर रहे हैं कि राष्ट्रपति ट्रम्प अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा करें। मुझे लगता है कि यह वैश्विक राजनीति के लिए बहुत सकारात्मक संकेत है।"

सालों का इंतजार और व्हाइट हाउस की वापसी: एवियन के बाद दिल्ली में मचेगा तहलका

अगर यह बहुप्रतीक्षित यात्रा संपन्न होती है, तो यह फरवरी 2020 (जब ट्रम्प ने 'नमस्ते ट्रम्प' इवेंट के लिए भारत का दौरा किया था) के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि अपने दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस में दोबारा ऐतिहासिक वापसी करने के बाद ट्रम्प का यह पहला भारत दौरा होने जा रहा है। आपको बता दें कि ट्रम्प और पीएम मोदी की आखिरी मुलाकात फ्रांस के एवियन में जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी, जिसने पूरे 16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद दोनों दिग्गजों के बीच पहली द्विपक्षीय बैठक का रास्ता साफ किया था। अब वही कूटनीतिक जादू दिल्ली की सड़कों पर बिखरने के लिए तैयार है।

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कूटनीति के पर्दे के पीछे का सच: बेहद करीब है वो ऐतिहासिक 'महा-व्यापार समझौता'

यह प्रस्तावित दौरा सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा आर्थिक सस्पेंस छिपा हुआ है। नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच पिछले काफी समय से एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) पर बेहद गोपनीय बातचीत चल रही है। विदेश मंत्री रुबियो ने पहली बार इस पर से पर्दा उठाते हुए कहा कि यह डील अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। उन्होंने कहा, "जी7 में राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी के साथ बेहद सफल बैठक हुई थी। हम एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं और हम इसे पूरा करने के बिल्कुल आखिरी चरण में हैं।"

'क्वाड' का वो अगला चक्रव्यूह: जब कांपेंगे विरोधी और मोदी बनेंगे 'ग्लोबल पावर'

इस महा-दौरे के साथ ही दोनों देश 'क्वाड' (Quad) समूह की एक और हाई-प्रोफाइल बैठक की तैयारियों में भी जुट गए हैं। ट्रम्प के इस दौरे में चीन और अन्य वैश्विक विरोधियों को कड़ा संदेश देने की पूरी रणनीति तैयार की जा रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व की खुलकर तारीफ करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खुद को भारतीय नेता का बड़ा "प्रशंसक" बताया। उन्होंने डंके की चोट पर कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का कद आज जिस ऊंचाई पर है, उसका पूरा श्रेय पीएम मोदी की नीतियों को जाता है। रुबियो के शब्दों में: "नरेंद्र मोदी ने वास्तव में भारत को एक ग्लोबल पावर (वैश्विक महाशक्ति) बना दिया है।"

ब्लैक गोल्ड की रिफाइनिंग और एनर्जी की वो गुप्त ताकत: जब अमेरिका भी रह गया दंग

इस दौरे का एक और सबसे बड़ा सस्पेंस एनर्जी (ऊर्जा) सेक्टर में होने वाली महा-डील है। रुबियो ने साफ किया कि भारत और अमेरिका मिलकर अपनी एनर्जी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए बेहद आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने वाशिंगटन की ओर से भारत की तकनीकी ताकत का लोहा मानते हुए कहा कि भारत दुनिया के उन बेहद चुनिंदा और गिने-चुने देशों में शामिल है, जिसके पास 'हेवी क्रूड' (भारी कच्चे तेल) को रिफाइन करने की बेजोड़ क्षमता है। ऐसे में ट्रम्प का यह दौरा डिफेंस, ट्रेड और एनर्जी के त्रिकोण पर टिका है, जो आने वाले दिनों में पूरी दुनिया की सियासत का रुख मोड़ने की ताकत रखता है।

क्वाड से लेकर ऊर्जा तक, क्यों अहम है ट्रम्प का संभावित दौरा?

ट्रम्प की संभावित भारत यात्रा केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगी। दोनों देश क्वाड समूह के सहयोग को भी आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को काफी अहम माना जाता है। इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देश सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत की उस क्षमता का भी जिक्र किया, जिसके तहत वह भारी क्रूड ऑयल को रिफाइन करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल है।

अब नजरें इस सवाल पर- कब होगी ट्रम्प की भारत यात्रा?

फिलहाल यात्रा की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान ने नई संभावनाओं को जन्म दे दिया है। आने वाले महीनों में व्यापार समझौते, क्वाड बैठक और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर होने वाली बातचीत इस दौरे की दिशा तय कर सकती है। अगर ट्रम्प भारत आते हैं, तो यह यात्रा दोनों देशों के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकती है और वैश्विक राजनीति में भारत-अमेरिका साझेदारी के महत्व को और मजबूत कर सकती है।