Petrol Pump UPI Payment: UPI पेमेंट पर 0.4% MDR शुल्क का पेट्रोल पंप डीलरों ने विरोध किया है। 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ऊपर के ऑनलाइन भुगतान बंद करने की चेतावनी दी गई है। जानिए आम जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा।

Petrol Pump UPI Payment Above 2000: अगर आपकी आदत भी पेट्रोल पंप पर गाड़ी की टंकी फुल कराकर सीधे UPI स्कैन करके पेमेंट करने की है, तो आने वाले दिनों में आपको अपनी यह आदत बदलनी पड़ सकती है। मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में पेट्रोल पंप डीलरों ने साफ चेतावनी दी है कि वे 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के डिजिटल भुगतान स्वीकार करना बंद कर सकते हैं।

MDR टैक्स पर क्यों भड़के पेट्रोल पंप डीलर?

दरअसल, इस पूरे विवाद के केंद्र में है प्रस्तावित 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR)। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल पर उनका कमीशन पहले से ही फिक्स और काफी कम है। ऊपर से बिजली, कर्मचारियों की तनख्वाह और पंप के रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अगर UPI भुगतान पर 0.4 फीसदी का अतिरिक्त ट्रांज़ैक्शन चार्ज वसूला जाएगा, तो उनके पास मुनाफे के नाम पर कुछ नहीं बचेगा और उन्हें अपनी जेब से नुकसान उठाना पड़ेगा।

Petrol Pump UPI Rule: डीलर क्यों कर रहे विरोध?

इसी शुल्क को लेकर पेट्रोल पंप डीलरों ने आपत्ति जताई है। मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में डीलरों ने फ्यूल पेमेंट को MDR से पूरी तरह बाहर रखने की मांग की है। कुछ डीलरों ने चेतावनी दी है कि अगर राहत नहीं मिली तो 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट स्वीकार करना बंद किया जा सकता है। डीलरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन सीमित है, जबकि कर्मचारियों, बिजली और दूसरी ऑपरेटिंग लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में डिजिटल पेमेंट पर लगने वाला अतिरिक्त शुल्क उनके लिए एक और बोझ बन सकता है।

UPI MDR Charge: पेट्रोल पंपों की क्या मांग है?

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने भी पेट्रोल पंपों पर UPI पेमेंट को MDR से पूरी छूट देने की मांग की है। मध्य प्रदेश के डीलरों ने प्रस्तावित शुल्क वापस लेने और फ्यूल बिक्री को MDR से बाहर रखने की मांग उठाई है। इस मुद्दे पर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट स्वीकार न करने का प्रस्ताव ग्राहकों और कारोबारियों दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

व्यापारिक संगठन कैट (CAIT) ने भी जताई चिंता

व्यापारियों के बड़े संगठन 'कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (CAIT) ने भी इस प्रस्तावित फैसले पर गहरी चिंता जताई है। कैट का मानना है कि अगर पेट्रोल पंपों पर 2,000 रुपये की सीमा लागू कर दी जाती है, तो इससे आम उपभोक्ताओं और डिजिटल इंडिया अभियान दोनों को बड़ा झटका लगेगा। खासकर चार पहिया वाहन मालिकों, दूर का सफर करने वाले चालकों और व्यावसायिक गाड़ियों को काफी दिक्कत होगी। अगर 15 अक्टूबर से पहले इसका कोई सर्वसम्मति से समाधान नहीं निकला, तो पेट्रोल पंपों पर एक बार फिर कैश का झंझट और लंबी लाइनें देखने को मिल सकती हैं।

Petrol Pump UPI Payment: ग्राहकों पर क्या असर होगा?

फिलहाल ग्राहकों से अलग से UPI शुल्क लेने की बात नहीं है। नया MDR मर्चेंट साइड का चार्ज है। लेकिन अगर पेट्रोल पंप डीलर अपनी चेतावनी पर अमल करते हैं, तो कुछ जगहों पर ₹2,000 से ज्यादा के फ्यूल पेमेंट के लिए UPI की सुविधा सीमित हो सकती है। यानी बड़े भुगतान करने वालों को दूसरे विकल्प का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।