AI मॉडल लोकल-स्वदेशी कंटेंट के साथ भारतीय भाषाओं को बढ़ावा दें- पीएम मोदी
नई दिल्ली। पीएम मोदी ने गुरुवार 8 जनवरी को अपने आवास पर भारतीय AI स्टार्ट-अप्स के साथ राउंडटेबल अध्यक्षता की। अगले महीने भारत में होने वाले इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से पहले 12 भारतीय AI स्टार्ट-अप्स ने समिट के लिए क्वालिफाई किया है।

फरवरी में होने वाले 'AI फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज' के लिए जिन 12 भारतीय स्टार्टअप्स ने क्वालिफाई किया है, उन्होंने राउंडटेबल में हिस्सा लिया और अपने आइडिया और काम पेश किए।
ये स्टार्ट-अप्स कई अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जिनमें भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल, मल्टीलिंगुअल LLMs, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-ऑडियो और टेक्स्ट-टू-वीडियो, ई-कॉमर्स, मार्केटिंग और पर्सनलाइज्ड कंटेंट बनाने के लिए जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करके 3D कंटेंट, इंजीनियरिंग सिमुलेशन, मटीरियल रिसर्च और इंडस्ट्रीज में डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए एडवांस्ड एनालिटिक्स, हेल्थकेयर डायग्नोस्टिक्स और मेडिकल रिसर्च शामिल हैं।
मीटिंग के दौरान पीएम मोदी ने समाज में बदलाव लाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अगले महीने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट की मेजबानी करेगा, जिसके जरिए देश टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत AI का इस्तेमाल करके उसके जरिए बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, स्टार्ट-अप्स और AI उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं। भारत को दुनिया के सामने एक अनोखा AI मॉडल पेश करना चाहिए जो "मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड" की भावना को दर्शाता हो। मोदी ने कहा, भारत पर दुनिया का भरोसा देश की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में, यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भारतीय AI मॉडल नैतिक, निष्पक्ष, पारदर्शी हों और डेटा प्राइवेसी के सिद्धांतों पर आधारित हों।
पीएम मोदी ने कहा, स्टार्ट-अप्स को भारत से ग्लोबल लीडरशिप की दिशा में भी काम करना चाहिए। भारत वैश्विक स्तर पर किफायती AI, समावेशी AI और किफायती इनोवेशन को बढ़ावा दे सकता है। भारतीय AI मॉडल अलग होने चाहिए और स्थानीय और स्वदेशी कंटेंट और क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए।
मीटिंग में अवतार, भारतजेन, फ्रैक्टल, गैन, जेनलोप, ज्ञानी, इंटेलीहेल्थ, सर्वम, शोध AI, सोकेट AI, टेक महिंद्रा और ज़ेंटेक सहित भारतीय AI स्टार्टअप के CEO, हेड और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद भी मीटिंग में मौजूद थे।

