क्या G7 में ट्रम्प का मोदी को दिया समर्थन भारत की वैश्विक ताकत का नया संकेत है? क्या होर्मुज संकट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाकर मोदी ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया? क्या Vivatech 2026 में भारत की टेक शक्ति और AI इनोवेशन दिखाएंगे नया भविष्य? क्या मोदी-ट्रम्प मुलाकात से बदलेंगे भारत-अमेरिका संबंध और वैश्विक सुरक्षा समीकरण?

पेरिस/एवियन: वैश्विक कूटनीति के मंच पर इस समय भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छाए हुए हैं। स्लोवाकिया और फ्रांस की अपनी छह दिवसीय हाई-प्रोफाइल यात्रा के आखिरी पड़ाव पर पीएम मोदी बुधवार देर रात करीब 2 बजे पेरिस पहुंचे। होटल के बाहर आधी रात को ही सैकड़ों की संख्या में भारतीय मूल के लोग तिरंगा थामे उनके स्वागत के लिए बेताब खड़े थे। जैसे ही मोदी पहुंचे, हवा 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठी। पीएम ने बच्चों को दुलारा और लोगों से गर्मजोशी से हाथ मिलाया। लेकिन इस स्वागत से ठीक पहले फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 समिट के बंद कमरों में जो कुछ हुआ, उसने दुनिया भर के रणनीतिकारों को चौंका दिया है।

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18 मिनट का वो सीक्रेट सस्पेंस: ट्रंप ने मोदी को दिया अमेरिकी सेना का अचूक कवच!

एवियन में G7 समिट के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ठीक 18 मिनट तक बेहद गोपनीय और द्विपक्षीय बातचीत हुई। इस बैठक के बाद ट्रंप ने एक ऐसा सनसनीखेज बयान दिया जिसने दुनिया की जियो-पॉलिटिक्स में खलबली मचा दी है। ट्रंप ने खुला वादा करते हुए कहा, "जब तक भारत में मोदी लीडर हैं, अगर वहां कोई हमला होता है तो अमेरिका पूरी ताकत से भारत की रक्षा के लिए साथ खड़ा होगा।" इसके बाद ट्रंप ने सस्पेंस बढ़ाते हुए एक बड़ा पेच भी जोड़ा: "अगर मोदी के अलावा कोई और नेता भारत की कमान संभाल रहा होगा, तो मुझे अमेरिकी मदद भेजने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा।" ट्रंप के इस बयान ने साफ कर दिया कि वाशिंगटन के लिए मोदी का कद कितना बड़ा है।

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"मैं मोदी की तरह शांत नहीं..."ट्रंप ने व्हाइट हाउस से किया गहरी दोस्ती का एलान

बैठक के दौरान डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधने से खुद को नहीं रोक पाए। उन्होंने वैश्विक मीडिया के सामने खुलकर कहा कि जब तक वह अमेरिका के राष्ट्रपति हैं, व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का एक सबसे मजबूत और सच्चा दोस्त हमेशा मौजूद रहेगा। ट्रंप ने कहा, "मोदी एक बेहद शांत और जबरदस्त नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह शांत नहीं हूं।" ट्रंप का यह कबूलनामा दिखाता है कि दोनों नेताओं के बीच की केमिस्ट्री अब पर्सनल बॉन्डिंग में तब्दील हो चुकी है और आने वाले दिनों में यह जुगलबंदी एशिया से लेकर मिडिल ईस्ट तक बड़े फैसले लेने वाली है।

होर्मुज स्ट्रेट का खूनी सच: मोदी ने वैश्विक मंच पर उठाई भारतीय नाविकों की मौत की गूंज

इस पूरी चमक-दमक के बीच पीएम मोदी का रुख बेहद सख्त और गंभीर भी दिखा। उन्होंने G7 समिट के पहले दिन (आउटरीच सेशन) और दूसरे दिन, दोनों ही समय होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में चल रहे ईरान युद्ध के दौरान मारे गए भारतीय नाविकों का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। आंकड़ों के मुताबिक, इस खतरनाक समुद्री रास्ते में अब तक 14 देशों के 46 जहाजों पर हमले हो चुके हैं, जिनमें 6 बेकसूर भारतीय नाविकों ने अपनी जान गंवाई है।

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होर्मुज स्ट्रेट में हमलों का काला इतिहास:

तारीखजहाज का नामनुकसान / शहीद नाविक
1 मार्च 2026स्काईलाइट / एमकेडी व्योम3 भारतीयों की मौत (दीक्षित सोलंकी समेत)|
18 अप्रैल 2026सनमार हेराल्डईरानी सेना द्वारा अंधाधुंध फायरिंग
9 जून 2026एमटी सेट्रेटेबेलोअमेरिकी हमले में 3 भारतीयों की मौत
11 जून 2026एमटी सेलेस्टियलनिशांत की मौत (मेडिकल हेल्प न मिलने से) |

पीएम मोदी ने दोटूक कहा कि वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली किसी भी संभावित डील में भारतीयों की सुरक्षा हर हाल में पक्की की जानी चाहिए।

स्लोवाकिया का 'सर्वोच्च सम्मान' और अब पेरिस में 'विवाटेक 2026' का महामंच!

पेरिस पहुंचने से ठीक पहले पीएम मोदी स्लोवाकिया में थे, जहां 15 जून को उन्हें वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया। इस सम्मान को मोदी ने भारत के 140 करोड़ लोगों और दोनों देशों की अटूट दोस्ती को समर्पित किया। अब आज (गुरुवार शाम) उनकी नजरें यूरोप के सबसे बड़े टेक फेयर 'Vivatech 2026' पर टिकी हैं, जहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मुख्य अतिथि होंगे।

विश्व नेताओं से मुलाकात, भारत की भूमिका पर बढ़ा वैश्विक फोकस

G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन शामिल रहे। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, वैश्विक शांति और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी की छह दिवसीय यूरोप यात्रा ऐसे समय हुई जब दुनिया युद्ध, ऊर्जा संकट और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रही है। G7 मंच पर भारत की सक्रिय भूमिका ने संकेत दिया है कि वैश्विक फैसलों में भारत की आवाज पहले से ज्यादा प्रभावशाली हो रही है।

इस महा-सम्मेलन में दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियां और इन्वेस्टर्स मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स पर मंथन करने वाले हैं। यहां स्थापित किया गया भव्य 'इंडिया पैवेलियन' भारतीय स्टार्टअप्स और देश के डिजिटल महाशक्ति बनने की कहानी को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।