PM Modi Space Sector: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन स्पेस कॉन्क्लेव में प्राइवेट कंपनियों से स्पेस सेक्टर में बड़ा सोचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार 'हैंडलर' नहीं, 'इनेबलर' की भूमिका निभाएगी और लक्ष्य ग्लोबल स्पेस इकॉनमी में भारत की हिस्सेदारी 2% से बढ़ाकर 10% करना है।

Indian Space Association: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत बहुत तेजी से ग्लोबल स्पेस सेक्टर में अपनी जगह बना सकता है। इंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) की तरफ से आयोजित इंडियन स्पेस कॉन्क्लेव में बोलते हुए उन्होंने प्राइवेट सेक्टर को एक बड़ा और साफ संदेश दिया। PM मोदी ने कहा कि सरकार की नीति ग्लोबल स्पेस इकॉनमी में भारत की मौजूदा 2 फीसदी की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 10 फीसदी तक ले जाने की है।

यह एक बड़ा लक्ष्य है, जिसे हासिल करने के लिए सरकार और प्राइवेट इंडस्ट्री को मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार इस दिशा में हर जरूरी कदम उठा रही है।

सरकार की भूमिका - 'हैंडलर' नहीं, 'इनेबलर'

PM मोदी ने प्राइवेट कंपनियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी तरक्की के रास्ते में नहीं आएगी, बल्कि उनकी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार अब 'हैंडलर' की तरह नहीं, बल्कि एक 'इनेबलर' यानी मददगार की भूमिका निभा रही है। इसी सोच के साथ स्पेस सेक्टर में लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार अपनी स्पेस से जुड़ी सुविधाओं को प्राइवेट सेक्टर के इस्तेमाल के लिए खोल रही है। उनका कहना था कि सरकार सभी के लिए एक लेवल-प्लेइंग फील्ड यानी बराबरी के मौके देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हर कोई आगे बढ़ सके।

प्राइवेट सेक्टर को PM मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री ने प्राइवेट कंपनियों से अपनी सोच का दायरा बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कंपनियों को सिर्फ ISRO को पार्ट्स सप्लाई करने वाले वेंडर की तरह काम नहीं करना चाहिए। अब वक्त आ गया है कि भारतीय कंपनियां स्पेस टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर बनें।

PM मोदी ने कंपनियों को 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचने और भविष्य की टेक्नोलॉजी पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका मानना है कि यही वो रास्ता है जिससे भारत स्पेस सेक्टर में दुनिया का नेतृत्व कर सकता है। जाहिर है, सरकार अब प्राइवेट सेक्टर को सिर्फ एक सप्लायर के तौर पर नहीं देख रही है।

दुनिया भर के टैलेंट को भारत लाने का लक्ष्य

अपने संबोधन में PM मोदी ने टैलेंट को लेकर एक बहुत अहम बात कही। उन्होंने कहा, "हमें एक ऐसा माहौल बनाना होगा कि जो हमारा टैलेंट विदेश गया है, वो वापस आए..." यह बयान भारत के ब्रेन-ड्रेन की समस्या पर सीधा इशारा करता है।

उन्होंने आगे कहा कि देश में एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना होगा जो दुनिया के बेस्ट टैलेंट को भी भारत आने के लिए आकर्षित करे। प्रधानमंत्री का यह विजन सिर्फ टेक्नोलॉजी और निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के बेहतरीन दिमागों को भारत में काम करने का मौका देने पर भी केंद्रित है।