1000 साल पहले ऐसा दिखता था सोमनाथ मंदिर, 'उस दिन मारे गए थे 50 हजार लोग'
Somnath Swabhiman Parv : 12 ज्योतिर्लिंग में से एक सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का आज से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर 2001 के एक प्रोग्राम की पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं।

महमूद गजनवी के हमले में मारे गए थे 50 हजार से ज्यादा लोग
12 ज्योतिर्लिंग में से एक सोमनाथ सबसे पहला ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर के निर्माण को साल 2026 में 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। आज ही के दिन 8 जनवरी 1026 को आक्रांता महमूद गजनवी ने हिन्दुओं के आराध्य भगवान सोमनाथ के पवित्र मन्दिर पर हमला कर गिरा दिया था। बताया जाता है कि इस दर्दनाक हमले में करीब 50 हजार से ज्यादा पुजारियों एवं भक्तो की निर्मम हत्या हुई थी।
सोमनाथ मंदिर को क्यों कहते हैं पहला ज्योतिर्लिंग
शिव पुराण की कथा में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का उल्लेख है कि सोमनाथ मंदिर में मौजूद स्वंयभू से ही ज्योतिर्लिंग स्वरूप की पूजा की परंपरा शुरू हुई। यानि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के बाद ही अन्य ज्योतिर्लिंग का स्वरूप बना है। इसलिए तो सोमनाथ को पहला ज्योतिर्लिंग कहा जाता है।
सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर अपने पुरानी तस्वीरें शेयर की हैं। साथ ही पोस्ट करते हुए लिखा-1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को डिगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।
पीएम की अपील आप भी शेयर करें तस्वीर
पीएम मोदी ने पोस्ट करते हुए आगे लिखा- मैं सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं। यदि आप भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें #SomnathSwabhimanParv के साथ जरूर शेयर करें।
पीएम मोदी ने शेयर की 25 साल पुरानी तस्वीर
पीएम मोदी ने लिखा- मैं 31 अक्टूबर 2001 को सोमनाथ में आयोजित एक कार्यक्रम की कुछ झलकियां भी आपसे साझा कर रहा हूं। यह वो साल था, जब हमने 1951 में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 50 वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया था। 1951 में वो ऐतिहासिक समारोह तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की मौजूदगी में संपन्न हुआ था। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में सरदार पटेल और केएम मुंशी जी के साथ ही कई महान विभूतियों के प्रयास अत्यंत उल्लेखनीय रहे हैं। साल 2001 के इस कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल जी और गृह मंत्री आडवाणी जी और कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे।