मध्य प्रदेश में भोपाल और इंदौर के लोगों के लिए खुशखबरी है। अब इन शहरों की मेट्रो सिर्फ सफर का जरिया नहीं रहेगी, बल्कि आप इसमें बर्थडे, प्री-वेडिंग शूट और कोई भी जश्न मना सकते हैं।मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने ‘सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स’ पहल शुरू की है।

भोपाल और इंदौर में चलने वाली मेट्रो ट्रेन में अब सिर्फ सफर के लिए नहीं है। अब आप इसमें अपना जन्मदिन और प्री-वेडिंग शूट सेलिब्रेशन जैसे कई जश्न मना सकते हैं। क्योंकि मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (mpmrcl) से यह फैसला सेलिब्रेशन ऑन व्हील्स नीति के तहत किया है। जिसके तहत कोई भी आम यात्री इसमें अपने खुशियों को यहां सिलिब्रेट कर सकता है। साथ ही कोई भी फिल्म की शूटिंग भी कर सकता है। बस उसको इसके लिए प्रति घंटे के हिसाब से किराना देना होगा। यह रेंट ज्यादा नहीं है,यहां होटल कम खर्च आएगा।

एक घंटे का देना होगा इतना किराया

दरअसल, मेट्रो के अंदर यह जश्न सेलिब्रेट करने के लिए एमपी मेट्रो रेल कॉपर्रेशन ने किराया निर्धारित किया है। इसके लिए लोगों को एक घंटे के हिसाब से 5-7 हजार रुपए तक खर्च करने होंगे। एक कोच में आप 50 गेस्ट लाने की अनुमति होगी। वहीं बुकिंग करते वक्त आपको 20 हजार रुपए सिक्योरिटी डिपोर्जिट करनी होगी। अगर इस दौरान कोई टूट-फूट होती है तो इस जमा राशि में से काट दी जाएगी।

भोपाल-इंदौर मेट्रो में पार्टी करने के निमय

1. किसी भी सिलेब्रिशन के लिए कम से कम 15 दिन पहले करानी होगी।

2. सेम डेट में अगर किसी दूसरे की बुंकिग पहले से है तो आपकी रद्द भी हो सकती है।

3. जिस कोच की बुंकिग होगी, उसमें सेलिब्रिशन कर सकते हैं।

4. दूसरे कोच में सफर करने वाले यात्रयों के सफर में डिस्टर्व नहीं होना चाहिए।

5. जश्न के दौरान कोच में किसी तरह की टूट-फूट होती है तो इसका जुर्माना लगेगा।

6. टाइमिंग का सख्ती से पालन करना होगा

पार्टी के दौरान पाबंदियां

1. सेलिब्रेशन में आने वाले गेस्ट की पूरी चैंकिग होगी।

2. कोई शख्स पार्टी के दौरान किसी तरह का हथियार नहीं ले जा सकेगा।

3. मेट्रो परिसर में शराब, बीड़ी-सिगरेट पर प्रतिबंद है।

4. जश्न के दौरान किसी तरह की आतिशबादी यानि पटाखों पर पूरी तरह मनाही रहेगी।

आखिर एमपी मेट्रों क्यों लिया यह फैसला

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि भोपाल और इंदौर मेट्रो में हो रहे बढ़ते घाटे और यात्रियों की कमी को देखते हुए यह फैसला किया है। ताकि मेट्रो का घाटा पूरा किया जा सके।