Premanand Maharaj Kelly Kunj Ashram Controversy : मथुरा-वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज और उनका केलिकुंज आश्रम पिछले कुछ दिन से शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत से चर्चा में बने हुए हैं। साथ ही किसी ने यह तक कहा कि बाबा जी विराट कोहली को 5 करोड़ देकर बुलाते हैं। इस सारे विवाद पह पहली बार प्रेमानंद जी ने कुछ कहा है।
मथुरा/वृंदावन. 'अगर निर्दोष होने के बावजूद समाज में निंदा और अपमान का सामना करना पड़े, तो परेशान नहीं होना चाहिए। इसे भगवान का कड़वा प्रसाद समझकर स्वीकार करना चाहिए। इससे इंसान के अंदर का अभिमान कम होता है। 8 अक्टूबर को यह बातें संत प्रेमानंद महाराज ने उनके भक्तों के दर्शन देते हुए कहीं। उन्होंने यह सब ऐसे वक्त है जब केली कुंज आश्रम शिष्य की मौत और विराट कोहली को बुलाने के लिए 5 करोड़ रुपये देने के दावे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही थीं। इसी बीच ऐसी भी खबरें सामने आई थीं कि प्रेमानंद महाराज केलिकुंज आश्रम छोड़कर एकांतवास में चले गए हैं
भक्ति के रास्ते पर धैर्य रखना जरूरी
प्रेमानंद महाराज ने अपने सत्संग में कहा कि भगवान की भक्ति करने वाले व्यक्ति को मुश्किल समय में भी धैर्य और संयम बनाए रखना चाहिए। सुख-दुख, सम्मान और अपमान, हर परिस्थिति में मन को शांत रखना जरूरी है। किसी की आलोचना सुनकर निराश नहीं होना चाहिए और न ही भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा कम करनी चाहिए।
निंदा का जवाब निंदा से न दें
महाराज ने कहा कि जब इंसान अपना जीवन राधा-कृष्ण को समर्पित कर देता है, तो उसे उनकी इच्छा के अनुसार चलने की कोशिश करनी चाहिए। दूसरों की बुराई करने से बचना चाहिए। अगर कोई हमारी निंदा करता है, तो उसका जवाब उसी तरह देने के बजाय मुस्कुराकर सहन करना चाहिए।
उन्होंने भक्तों को सलाह दी कि बड़ी से बड़ी परेशानी में भी मजबूती से खड़े रहें। दूसरों की आलोचना करने के बजाय अपने व्यवहार को बेहतर बनाने पर ध्यान दें।
शिष्य की मौत के बाद चर्चा में आश्रम
- प्रेमानंद महाराज का यह वीडियो उनके यूट्यूब चैनल 'भजन मार्ग' पर अपलोड किया गया। पिछले महीने उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, 25 सितंबर को सुबह करीब 10:36 बजे केली कुंज ट्रस्ट की इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी।
विराट कोहली को पैसे देकर बुलाया था आश्रम?
इसके बाद फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि विराट कोहली को केली कुंज आश्रम बुलाने के लिए पैसे दिए गए थे। इन घटनाओं के बाद आश्रम को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, प्रेमानंद महाराज की इन बातों को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखने का कोई स्पष्ट आधार नहीं है।


