पुणे के लोहगढ़ मर्डर केस में पुलिस ने घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट कर जांच तेज कर दी। आरोप है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या की कथित साजिश, गूगल सर्च, डिलीट चैट और सबूत मिटाने की कोशिश की। फोरेंसिक जांच और पूछताछ से मामले की नई परतें सामने आ रही हैं।
Ketan Agrawal Murder: पुणे के ऐतिहासिक लोहगढ़ किले की ऊंचाइयों पर जो खेल खेला गया, उसने कानून और इंसानियत दोनों के होश उड़ा दिए हैं। रविवार सुबह ठीक 6:30 बजे, जब कोहरा किले की दीवारों को घेरे हुए था, तब पुणे पुलिस की एक टीम आरोपी सिया गोयल को लेकर वहां पहुंची। मकसद था-26 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर केतन अग्रवाल की मौत का खौफनाक मंजर दोबारा रीक्रिएट करना। जब पुलिस ने किले की उसी दीवार से एक डमी को नीचे गहरी खाई में गिराया, तो हवा में गूंजती सरसराहट ने उस भयानक साजिश की गवाही दी जो 18 जून की सुबह रची गई थी।

गूगल सर्च का वो 'डार्क सीक्रेट': "जहर देकर कैसे मारें कि पुलिस को शक न हो?"
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की क्रूरता की ऐसी परतें खुल रही हैं जो किसी साइको-थ्रिलर फिल्म से भी ज्यादा भयानक हैं। पुलिस की साइबर टीम ने जब दोनों के मोबाइल खंगाले, तो रूह कंपा देने वाला सच सामने आया। हत्या से पहले दोनों ने गूगल पर लोहगढ़ किले के सबसे खतरनाक 'डेथ पॉइंट्स', वहां पहुंचने के रास्ते और गहरी खाइयों को सर्च किया था। इतना ही नहीं, उनके सर्च इतिहास में दर्ज था-"ज़हर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो?" पकड़े जाने पर पुलिस को क्या झूठ बोलना है, और गुनाह के बाद कौन-कौन से वॉट्सएप मैसेज और रीसायकल बिन को डिलीट करना है-इसकी पूरी ट्रेनिंग दोनों ने गूगल से ली थी। पहचान छिपाने के लिए मर्डर वाले दिन प्रेमी चेतन ने अपना मोबाइल एक दुकान पर ही छोड़ दिया था और दूसरे गुप्त फोन का इस्तेमाल कर रहा था।
338 घंटे की वो मिस्ट्री कॉल और 33 डिग्री में 'हुडी' पहनने वाला वो रहस्यमयी शख्स
इस मर्डर मिस्ट्री का सस्पेंस तब और गहरा गया जब पुलिस ने सिया के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले। जनवरी से लेकर 18 जून की सुबह 7 बजे तक-सिया ने एक ही नंबर पर 2004 बार कॉल की थी और करीब 338 घंटे बात की थी। यानी हर दिन 2 घंटे! यह नंबर किसी और का नहीं, बल्कि उसके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी का था। पुलिस के हाथ दूसरा सबसे बड़ा सुराग लगा किले के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से। जून की तपती 33 डिग्री की गर्मी में एक शख्स सिर से पैर तक हुडी और हेडफोन लगाए घूम रहा था। तपती धूप में हुडी पहनने की इस सनक ने पुलिस का शक पुख्ता कर दिया और यही हुडी वाला शख्स चेतन चौधरी निकला, जो कत्ल के वक्त सिया के ठीक पीछे खड़ा था।
"विग और हकलाना पसंद नहीं था..." पर सच कुछ और ही था!
पूछताछ में सिया ने बेहद अजीबोगरीब दावा किया कि उसे मंगेतर केतन का विग लगाना और उसका हकलाना पसंद नहीं था, इसलिए उसने उसे रास्ते से हटा दिया। लेकिन केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने इस झूठ को बेनकाब करते हुए बताया कि शादी तय होने से पहले ही सिया के परिवार को केतन के विग के बारे में सब कुछ बता दिया गया था। असल में, सिया अपने प्रेमी चेतन के प्यार में इस कदर अंधी थी कि वह केतन के साथ बाली जाने वाले ट्रिप को भी रोकना चाहती थी, जिसके लिए उसने केतन का पासपोर्ट तक छिपा दिया था।
सांप का बहाना और तीसरी कोशिश में खूनी अंजाम
यह कत्ल कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था, बल्कि केतन को मारने की यह तीसरी खौफनाक कोशिश थी:
- 31 मई की पहली साजिश: केतन को ट्रैकिंग का शौक था। उसने सिया को लोहगढ़ चलने को कहा, और यहीं सिया के दिमाग में उसे खाई में फेंकने का ख्याल आया।
- 14 जून का वो 'सांप वाला झूठ': सिया केतन को लेकर पहली बार किले के किनारे पहुंची और उसे धक्का दे दिया। किस्मत अच्छी थी कि केतन एक पेड़ के सहारे अटक गया। जब उसने पूछा कि धक्का क्यों दिया, तो सिया ने मुस्कुराकर कहा-"वहां एक सांप था, तुम्हारी जान बचाने के लिए ऐसा किया।" मासूम केतन घर आकर सबको बताता रहा कि सिया ने उसकी जान बचाई।
- 18 जून का अंतिम वार: सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर केतन को दोबारा उसी मौत के पॉइंट पर बुलाया। केतन जब वादियों को देख रहा था, तभी सिया और पीछे से आए चेतन ने मिलकर उसे गहरी खाई में धकेल दिया।
"मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी वहीं से नीचे फेंक दो!"
शव निकालने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया कि जब केतन की कुचली हुई खोपड़ी और लहूलुहान लाश को खाई से निकाला जा रहा था, तब वहां मौजूद हर आंख रो रही थी, लेकिन सिया पत्थर की तरह शांत खड़ी थी। उसका यह बनावटीपन देख पुलिसकर्मी और केतन की बहन को उसी दिन शक हो गया था। अब पिंपरी-चिंचवाड़ में केतन के लिए कैंडल मार्च निकालकर मां राखी अग्रवाल ने रोते हुए दोनों दोषियों के लिए फांसी की मांग की है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए सिया की मां पूजा गोयल ने भी टूटकर कहा है-"अगर मेरी बेटी दोषी है, तो कानून उसे भी उसी लोहगढ़ किले की खाई से नीचे फेंक दे, जहां से मेरे बेटे जैसे केतन को फेंका गया।" फिलहाल, दोनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और फोरेंसिक लैब से डिलीटेड चैट्स का वो आखिरी सच बाहर आना बाकी है जो इन्हें फांसी के फंदे तक पहुंचाएगा।


