Kunal Ghosh Office Attack: कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कुणाल घोष के घर और दफ्तर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. हमलावरों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पोस्टर भी फाड़ दिए. कुणाल घोष ने इस हमले को पूरी तरह से सोची-समझी साजिश बताया है.
Kunal Ghosh House Attack: कोलकाता के बेलेघाटा इलाके में बुधवार रात तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष के आवास और उनके नजदीक स्थित कार्यालय पर कथित तौर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कार्यालय के बाहर लगे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कुणाल घोष के पोस्टर व फ्लेक्स बैनर फाड़ दिए और कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
पहले घर पहुंचे हमलावर, फिर ऑफिस में हंगामा
बताया जा रहा है कि घटना बुधवार रात करीब 8 बजे की है। कुणाल घोष के मुताबिक, कुछ पुरुषों और महिलाओं का एक समूह पहले उनके घर पहुंचा था। उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। इसके बाद कथित तौर पर यही लोग उनके कार्यालय की ओर चले गए।
कुणाल घोष का कार्यालय उत्तरी कोलकाता के बेलेघाटा इलाके में उनके आवास के पास ही स्थित है। यह कार्यालय बेलेघाटा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 28 में है, जहां वह नियमित रूप से लोगों से मुलाकात और अपने राजनीतिक व सार्वजनिक कार्यों से जुड़े काम करते हैं।
ममता बनर्जी के पोस्टर और फ्लेक्स फाड़ने का आरोप
आरोप है कि कार्यालय पहुंचने के बाद समूह ने वहां लगे पोस्टर और बैनर फाड़ दिए। कार्यालय के बाहर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कुणाल घोष की तस्वीर वाला एक फ्लेक्स भी लगा था, जिसे कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया।
घटना के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कुणाल घोष ने इसे सामान्य विवाद नहीं बल्कि पूर्व नियोजित हमला बताया है।
राजनीतिक साजिश का लगाया आरोप
कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि हमलावर पहले उनके घर पहुंचे और उनके वहां नहीं मिलने के बाद कार्यालय को निशाना बनाया। इसी वजह से उन्होंने घटना के पीछे किसी राजनीतिक मकसद की आशंका जताई है।
हालांकि, अभी तक पुलिस जांच में हमले के पीछे की वास्तविक वजह या किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज से खुलेगा राज?
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की नजर अब कार्यालय के बाहर लगे CCTV कैमरों की फुटेज पर है। फुटेज के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे और हमले में किसकी भूमिका थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। साथ ही, किसी संभावित राजनीतिक एंगल समेत हमलावरों की पहचान की दिशा में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
फिलहाल इस घटना ने बेलेघाटा इलाके में राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। पुलिस की जांच और CCTV फुटेज के आधार पर आने वाली जानकारी से हमले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
