Shivpuri News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में गोरा टीला झरने पर घूमने गए एक ही परिवार के 4 बच्चों की 10 दिनों में संदिग्ध मौत हो गई। बुखार, पेट दर्द और प्लेटलेट्स गिरने के बाद बच्चों की जान गई। जानिए स्वास्थ्य विभाग की जांच में क्या निकला।

Shivpuri Waterfall Case: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। शहर के गोरा टीला के पास झरने में घूमने गए एक ही परिवार के चार बच्चों की महज 10 दिनों के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मरने वालों में तीन सगे भाई और उनका एक चचेरा भाई शामिल है। एक ही घर से चार-चार अर्थियां उठने के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों की तबीयत बिगड़ने का तरीका बिल्कुल एक जैसा था। सभी को सबसे पहले तेज़ बुखार आया, फिर पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई और देखते ही देखते हालत बिगड़ती चली गई।

Shivpuri Waterfall Death: झरने में नहाने के बाद बिगड़ी तबीयत

अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित परिवार शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र का रहने वाला है। परिवार के मुताबिक, 16 अगस्त को बच्चों ने गोरा टीला के पास स्थित झरने में नहाया था। इसके दो दिन बाद 18 अगस्त को 14 वर्षीय ताहिर की तबीयत खराब हुई। उसे बुखार के साथ उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। परिवार ने बताया कि इलाज के दौरान ताहिर का प्लेटलेट काउंट तेजी से गिर गया था।

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Shivpuri Health News: अचानक गिरने लगे प्लेटलेट्स, मल्टीपल ऑर्गन फेलियर से बिगड़ी बात

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय ऋषिश्वर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। शुरुआती जांच के आधार पर उन्होंने बताया कि चारों की मौत किसी गंभीर संक्रमण के कारण हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, इलाज के दौरान बच्चों का प्लेटलेट काउंट बेहद तेज़ी से नीचे गिरा। एक बच्चे की हालत इतनी नाजुक हो गई कि उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया (मल्टीपल ऑर्गन फेलियर)। फिलहाल परिवार के अन्य सदस्यों के ब्लड सैंपल ले लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।

Four Children Death: 10 दिनों में एक-एक कर उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार

  • मृतकों में से तीन बच्चे शिवपुरी के फिजिकल थाना इलाके के रहने वाले तनवीर अहमद के बेटे थे।
  • पहला हमला: तनवीर के 14 साल के बेटे ताहिर को सबसे पहले 18 अगस्त को बुखार, उल्टी और पेट दर्द हुआ। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्लेटलेट्स गिरने से दो दिन बाद उसकी मौत हो गई।
  • दूसरा सदमा: अभी परिवार ताहिर के गम में डूबा ही था कि उसकी बुआ का 19 वर्षीय बेटा अयाज़ बीमार पड़ गया। उसे पहले शिवपुरी और फिर हालत बिगड़ने पर ग्वालियर ले जाया गया, लेकिन 23 अगस्त को उसने भी दम तोड़ दिया।
  • दो और चिराग बुझे: इसके बाद तनवीर के दो छोटे बेटों - तारुफ़ (9 वर्ष) और तासिफ़ (11 वर्ष) को बुखार चढ़ना शुरू हुआ। 31 अगस्त की सुबह छोटे बेटे तारुफ़ की मौत हो गई, जबकि उसी शाम उसके बड़े भाई तासिफ़ ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

Health Department Investigation: स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए भेजी स्पेशल टीम

इतने कम वक्त में एक ही घर के चार बच्चों की जान जाने से पूरा प्रशासन सख्ते में है। मंगलवार शाम को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम पीड़ित परिवार के घर पहुंची और मेडिकल रिकॉर्ड खंगाले। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की केस हिस्ट्री, इलाज के पर्चे और परिवार के बाकी लोगों के टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर इस अज्ञात बीमारी और संक्रमण के कारणों की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

Four Deaths in 10 Days: प्रशासन से जांच की मांग

एक ही परिवार के चार बच्चों की इतने कम समय में मौत से इलाके में भी चिंता है। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि घटना सामान्य नहीं है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मौतों की वजह जल्द पता लगाने की मांग की है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग बच्चों के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड, परिवार के सदस्यों की रिपोर्ट और लिए गए सैंपल के नतीजों का इंतजार कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चारों बच्चों की मौत किस बीमारी या संक्रमण के कारण हुई।