Monsoon Update: देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने सितंबर के पहले हफ्ते में 19 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हाल ही में नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए सभी राज्यों को इस अलर्ट को गंभीरता से लेने को कहा गया है।
Heavy rain in 19 states: देश में इस साल मौसम का मिजाज लगातार करवट बदल रहा है। कहीं भारी बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ाईं तो कई इलाकों में बारिश की कमी से लोग परेशान रहे। अब सितंबर की शुरुआत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने एक बार फिर जोर पकड़ा है।
मौसम विभाग (IMD) ने देश के 19 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बन सकती है। नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ से हुई तबाही के बाद पहाड़ी और नदी किनारे बसे इलाकों में इस अलर्ट को खास तौर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
हरियाणा से पूर्वोत्तर तक बारिश का असर
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, मॉनसून के सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
7 सितंबर तक हिमाचल-हरियाणा में बहुत भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में 7 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का मतलब सिर्फ तेज पानी बरसना नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में इसके साथ अचानक बाढ़, भूस्खलन और सड़क संपर्क बाधित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। राज्य पहले ही मानसून के दौरान ऐसी घटनाओं का सामना कर चुका है। हरियाणा के कई हिस्सों में भी तेज बारिश से जलभराव की स्थिति बन सकती है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलर्ट
पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सिक्किम जैसे पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल के निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।
पूर्वोत्तर में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर सतर्क किया है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में जोरदार बारिश होने की संभावना है। असम के लिए यह चेतावनी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य के कई हिस्से हालिया बाढ़ के असर से अभी पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं। ऐसे में दोबारा तेज बारिश होने पर नदी और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी तेज बारिश
दक्षिण भारत में भी मॉनसून सक्रिय रहने की संभावना है। दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जैसे कर्नाटक के तटीय जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है। इसके अलावा केरल और लक्षद्वीप में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
सितंबर के पहले हफ्ते में क्यों बढ़ी चिंता?
सितंबर की शुरुआत में मॉनसून का दोबारा सक्रिय होना कई राज्यों के लिए राहत की बारिश लेकर आ सकता है, लेकिन जिन इलाकों में पहले से बाढ़, भूस्खलन या जलभराव की स्थिति रही है, वहां लगातार बारिश परेशानी बढ़ा सकती है।
खासकर पहाड़ी और नदी किनारे वाले क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगले कुछ दिन देश के कई हिस्सों के लिए मौसम के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
