पुणे के लोहगढ़ किले से गिरकर मरे केतन अग्रवाल की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या थी. पुलिस ने इसका खुलासा किया है. केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर उसे घाटी में धकेल दिया था. दोनों ने इसे एक एक्सीडेंट दिखाने की पूरी कोशिश की थी.
पुणे: महाराष्ट्र के मशहूर लोहगढ़ किले पर एक नौजवान की घाटी में गिरकर हुई मौत का मामला अब एक सोची-समझी हत्या का केस निकला है। पुलिस ने इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। मरने वाले 25 साल के केतन विशाल अग्रवाल की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी 20 साल की मंगेतर सिया गोयल और उसके 22 साल के प्रेमी चेतन चौधरी ने की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि दोनों ने मिलकर केतन को घाटी में धक्का दे दिया था।

यह घटना 19 जून की है, जब केतन किले की 350 फीट गहरी घाटी में गिर गया था। अगले महीने केतन और सिया की शादी होने वाली थी। शादी से पहले सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन, सिया और कुछ दोस्त किले पर गए थे। लेकिन असल में सिया इस शादी से खुश नहीं थी, क्योंकि घर वालों ने यह रिश्ता तय किया था। सिया अपने प्यार के रास्ते में केतन को एक रोड़ा मान रही थी। इसलिए उसने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। दोनों की योजना केतन की मौत को एक हादसा दिखाने की थी।
हत्या की पहली कोशिश नाकाम रही थी
सिया के मन में केतन को मारने का ख्याल 31 मई को आया, जब वह केतन के साथ लोहगढ़ किले पर ट्रैकिंग के लिए गई थी। इसके बाद 14 जून को वह फिर से केतन को किले पर ले गई। वहां उसका प्लान था कि 'सांप आया' कहकर केतन को डराएगी और उसे घाटी में धकेल देगी। लेकिन उसकी यह कोशिश नाकाम हो गई और केतन को कोई शक भी नहीं हुआ।
इसके बाद सिया ने 19 जून को अपने जन्मदिन के जश्न के बहाने एक और ट्रैकिंग का प्लान बनाया। इस प्लान के तहत उसने चुपके से अपने प्रेमी चेतन चौधरी को भी किले पर बुला लिया। फिर जब केतन का ध्यान कहीं और था, तो दोनों ने मिलकर उसे किले से नीचे खाई में धकेल दिया और उसकी हत्या कर दी।
बाली ट्रिप कैंसल कराने के लिए फाड़ दिया था पासपोर्ट
केतन के परिवार वालों ने बताया कि शादी से पहले दोनों का बाली जाने का प्लान था। यात्रा की सारी तैयारियां हो चुकी थीं, लेकिन रास्ते में सिया ने केतन को यकीन दिलाया कि उसका पासपोर्ट खो गया है। इस वजह से बाली की यात्रा रद्द करनी पड़ी। लेकिन पुलिस की जांच में पता चला कि सिया ने ही एक होटल के बाथरूम में अपना पासपोर्ट खुद फाड़कर फेंक दिया था।
इसके बाद केतन ने महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में 40 से ज्यादा कमरे बुक करके सिया के जन्मदिन का जश्न मनाने की तैयारी की थी। इसी बीच, सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए लोहगढ़ जाने की जिद की। यह क्रूर हत्या तब हुई जब जयपुर के एक महल में उनकी शाही शादी की तैयारियां चल रही थीं।
डिजिटल सबूतों से खुला राज
पहले तो पुलिस भी यही मान रही थी कि किले के किनारे फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसला और वह गिर गया। लेकिन पूछताछ के दौरान सिया के बयानों में विरोधाभास ने पुलिस का शक गहरा कर दिया। इसके बाद जब पुलिस ने सिया के मोबाइल फोन रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट्स और दूसरे तकनीकी सबूतों की जांच की, तो इस हत्याकांड की पूरी कहानी सामने आ गई। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
