पुणे में सुबह 3 बजे बालकनी में फंसे एक लड़के ने मदद के लिए ब्लिंकिट पर ऑर्डर किया। उसने डिलीवरी इंस्ट्रक्शन में दरवाज़ा खोलने का अनुरोध किया। डिलीवरी एजेंट ने आकर उसे बचाया, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।
सुबह-सुबह घर की बालकनी में गलती से फंसे एक लड़के को बचाने के लिए डिलीवरी एजेंट के आने की एक दिलचस्प खबर सोशल मीडिया पर छाई हुई है। यह घटना पुणे की है। सुबह 3 बजे बालकनी में फंसे लड़के ने मदद के लिए पुलिस या दोस्तों को फोन करने के बजाय ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म 'ब्लिंकिट' का सहारा लिया।
पुणे के रहने वाले मिहिर गहुकर ने अपने एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर वीडियो के साथ यह अनोखा अनुभव शेयर किया। सुबह करीब 3 बजे मिहिर और उनका दोस्त बालकनी में गए थे। लेकिन उन्हें पता ही नहीं चला और बालकनी का दरवाजा गलती से पीछे से लॉक हो गया। घर के अंदर उनके माता-पिता गहरी नींद में सो रहे थे। लड़कों को चिंता थी कि अगर वे उन्हें जगाने की कोशिश करेंगे तो वे घबरा जाएंगे। फोन हाथ में था, लेकिन इतनी देर रात किसे फोन करें, इसी उलझन के बीच लड़के को ब्लिंकिट से सामान ऑर्डर करने का आइडिया आया। उसने तुरंत ब्लिंकिट ऐप से कुछ स्नैक्स ऑर्डर किए और 'डिलीवरी इंस्ट्रक्शन' वाले कॉलम में साफ-साफ लिखा कि वह बालकनी में फंस गया है और दरवाजा खोलने में मदद करने की गुजारिश की।
कुछ ही मिनटों में डिलीवरी एजेंट मौके पर पहुंच गया। ऑर्डर लेकर आए एजेंट ने लड़के के बताए अनुसार दरवाजा खोला और उसे बाहर निकाला। लड़के ने लिखा कि उस एजेंट ने ऑर्डर किए गए खाने से कहीं बड़ी मदद की। यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गया। ब्लिंकिट के सीईओ अलंबिंदर ढींडसा ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ग्राहक की समस्या का समाधान करने वाले डिलीवरी पार्टनर की तारीफ की। समय पर खाना पहुंचाने के साथ-साथ इस तरह की मदद करने वाले डिलीवरी एजेंट की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है। कई लोग मजाक में इसे 'स्मार्ट मूव' कह रहे हैं, तो वहीं इस पर भी चर्चा हो रही है कि इमरजेंसी में ऐसी सेवाएं कितनी काम आ सकती हैं।
