पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले AAP को झटका लगा है। 40 उम्मीदवारों की पहली सूची के अगले दिन हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की सियासी तैयारी के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की पहली उम्मीदवार सूची जारी होने के ठीक एक दिन बाद उसके दो मौजूदा विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। इन इस्तीफों ने न केवल पार्टी के भीतर हलचल बढ़ा दी है, बल्कि चुनाव से पहले AAP की अंदरूनी स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
AAP के दो विधायकों ने छोड़ी विधानसभा
इस्तीफा देने वाले विधायकों में सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा शामिल हैं। दोनों के इस्तीफे ऐसे समय आए हैं, जब पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची घोषित की है।
उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद बढ़ी हलचल
AAP ने चुनावी तैयारियों के तहत उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। इसके अगले ही दिन दो विधायकों का इस्तीफा सामने आना पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, दोनों नेताओं के इस्तीफों के पीछे की परिस्थितियां अलग-अलग बताई जा रही हैं।
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हरमीत सिंह पठानमाजरा की पार्टी नेतृत्व से खींचतान
हरमीत सिंह पठानमाजरा लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के साथ टकराव को लेकर चर्चा में रहे हैं। सरकार की बाढ़ से निपटने की कार्यप्रणाली और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों सहित कई मुद्दों पर उनका पार्टी से मतभेद सामने आया था। अब उनके इस्तीफे ने इस खींचतान को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
चेतन सिंह जौड़ामाजरा के इस्तीफे की क्या है वजह?
पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा समाना सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। इस साल मई में पूर्व शिरोमणि अकाली दल नेता सुरजीत सिंह रखड़ा के AAP में शामिल होने और समाना में उन्हें अहम जिम्मेदारी दिए जाने के बाद जौड़ामाजरा की राजनीतिक भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसे स्थानीय विधायक को किनारे किए जाने के संकेत के तौर पर देखा गया।
2027 चुनाव से पहले AAP के सामने नई चुनौती
दो विधायकों के इस्तीफे ने पंजाब में AAP की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक एकजुटता पर नई चर्चा छेड़ दी है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है और क्या इसका असर 2027 के चुनावी समीकरणों पर भी पड़ता है।
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