आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में गए राघव चड्ढा और उनके साथी सांसदों ने पंजाब सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति से मुलाकात की है। वहीं, सीएम भगवंत मान भी इन सांसदों को 'जनता का गद्दार' बताते हुए उनके खिलाफ एक्शन की मांग को लेकर आज राष्ट्रपति से मिलेंगे।
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा और दो अन्य सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे। उनकी शिकायत है कि पंजाब की AAP सरकार सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रही है। चड्ढा का आरोप है कि जो नेता AAP छोड़कर बीजेपी में आए हैं, पंजाब सरकार उनसे बदला ले रही है। दूसरी तरफ, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इन सांसदों को वापस बुलाने (रिकॉल) की मांग को लेकर राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार उनके खिलाफ राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का इस्तेमाल करके हम पर केस दर्ज कराए जा रहे हैं। चड्ढा ने साफ किया कि वे पार्टी बदलने वाले नेताओं के खिलाफ हो रही कानूनी कार्रवाई को लेकर राष्ट्रपति को एक औपचारिक शिकायत देंगे।
वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी आज शाम राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में जाना जनता के जनादेश के खिलाफ और लोगों के साथ धोखा है। जिन 7 सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ी है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। इस दलबदल के बाद राज्यसभा में AAP की ताकत 10 से घटकर 3 रह गई है। भगवंत मान ने इन सांसदों को 'जनद्रोही' बताते हुए कहा कि उन पर कोई रहम नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि वो राष्ट्रपति से इन धोखेबाज नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
मतलब एक तरफ बीजेपी में गए नेता शिकायत कर रहे हैं कि सरकार उनसे बदला ले रही है, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी उन्हें 'जनता का गद्दार' बता रही है। इस पूरे मामले ने पंजाब की सियासत में एक बड़ी लड़ाई छेड़ दी है।
संदीप पाठक के खिलाफ केस
पंजाब पुलिस ने संदीप पाठक के खिलाफ राज्य के अलग-अलग जिलों में दो FIR दर्ज की हैं। ये केस तब दर्ज किए गए, जब पाठक समेत AAP के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए। संदीप के खिलाफ इस कार्रवाई को बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने 'राजनीतिक बदला' बताया है।
बीजेपी पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि AAP सरकार पुलिस का इस्तेमाल करके विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, 'भगवंत मान और केजरीवाल का डर अब सामने आ गया है। जैसे ही संदीप पाठक AAP छोड़कर बीजेपी में आए, उनके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में FIR दर्ज कर दी गई। केजरीवाल और भगवंत मान पुलिस को एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।' शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब को 'पुलिस स्टेट' बना रहे हैं। अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी आरोप लगाया कि AAP उन लोगों को चुन-चुनकर निशाना बना रही है जिन्होंने पार्टी छोड़ी है।
