Rahul Gandhi Vs Shivraj Singh Chauhan: राहुल गांधी के आंदोलन को 'शिवजी की बारात' बताने वाले बयान पर बीजेपी भड़क गई। शिवराज सिंह चौहान और प्रवक्ता संदीप भंडारी ने तीखा पलटवार किया। जानिए पूरा विवाद और दोनों पक्षों के बयान।
वोट चोरी के आरोपों से शुरू हुई सियासी लड़ाई अब भगवान शिव के नाम तक पहुंच गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्ष के आंदोलन को 'शिवजी की बारात' बताते हुए सभी दलों से इसमें शामिल होने की अपील की। उनके इस बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंदोलन को अराजकता फैलाने वालों की जमात बताया, जबकि बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर हिंदू विरोधी सोच का आरोप लगाया। ऐसे में सवाल है कि आखिर राहुल के बयान पर इतना विवाद क्यों खड़ा हो गया?
राहुल गांधी ने 'शिवजी की बारात' कहकर क्या कहा?
सोमवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर केंद्र सरकार तथा मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्षी दलों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने के दौरान साथ रहने की अपील की।
राहुल ने कहा कि यह संविधान बचाने की लड़ाई है और इसमें किसी भी पार्टी का वह व्यक्ति शामिल हो सकता है, जो संविधान की रक्षा करना चाहता है। उन्होंने आंदोलन को 'शिवजी का डांस' और 'शिवजी की बारात' बताते हुए कहा कि इसमें शामिल होने के लिए किसी खास योजना की जरूरत नहीं है।
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शिवराज सिंह चौहान ने क्यों साधा निशाना?
राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, "ये शिवजी की बारात नहीं, बल्कि अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है।"
चौहान ने कांग्रेस पर चुनावी हार की खीझ सड़क पर आंदोलन के जरिए निकालने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस के संविधान संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए और पार्टी की राजनीतिक स्थिति को लेकर निशाना साधा।
बीजेपी ने बताया हिंदू विरोधी बयान
बीजेपी प्रवक्ता संदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी के बयान की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि आंदोलन की तुलना 'शिवजी की बारात' से करना हिंदू विरोधी सोच को दर्शाता है। उन्होंने राहुल गांधी पर धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
इस विवाद के बीच राजनीतिक टकराव का केंद्र चुनावी प्रक्रिया, संविधान और धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर आ गया है। हालांकि, राहुल गांधी के बयान को लेकर बीजेपी के आरोप राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं। दोनों पक्षों के बयानों को उनके संदर्भ में देखना जरूरी है।
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