Samajwadi Party के Minority Mahasabha के पूर्व राज्य महासचिव Rajan Rizvi को Aligarh से September 27 को पकड़ा गया। Mathura Kotwali में September 15 को दर्ज FIR में धारा 67 (IT Act) सहित प्रावधान हैं। बैंक कर्मचारी को 'CM quota' से IAS बनाने का ऑफर और WhatsApp चैट की जांच जारी है.

Rajan Rizvi WhatsApp Chatछ मथुरा में महिला बैंककर्मी को कथित तौर पर आपत्तिजनक संदेश भेजने और लगातार संपर्क करने के मामले में समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा के पूर्व प्रदेश महासचिव राजन रिजवी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, उन्हें 27 सितंबर को अलीगढ़ से पकड़ा गया। महिला की शिकायत पर मथुरा के कोतवाली थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया था।

मामला उस समय चर्चा में आया जब सोशल मीडिया पर राजन रिजवी और महिला के बीच बताई जा रही कथित WhatsApp बातचीत सामने आई। इसमें महिला को कथित तौर पर यह संदेश भेजा गया कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वह उन्हें मुख्यमंत्री के कोटे से प्रतिनियुक्ति के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, वायरल चैट की प्रामाणिकता और पूरे संदर्भ की जांच पुलिस के स्तर पर की जा रही है।

महिला ने शिकायत में क्या आरोप लगाए?

महिला बैंककर्मी ने शिकायत में आरोप लगाया कि राजन रिजवी ने किसी तरह उनका निजी मोबाइल नंबर हासिल किया और इसके बाद लगातार WhatsApp पर संपर्क करने लगे। महिला ने कथित तौर पर आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने और उनकी निजी जानकारी जुटाने का भी आरोप लगाया।

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शिकायत में महिला ने अपनी और अपनी गाड़ी की तस्वीरें लिए जाने तथा परिवार की गतिविधियों पर नजर रखने के आरोप भी लगाए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, महिला और उनके पति ने पुलिस से CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया था।

वायरल चैट में IAS बनाने का दावा

मामले का एक प्रमुख हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित WhatsApp चैट है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें राजन रिजवी ने कथित तौर पर कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो वह 'भैया जी' से कहकर महिला को मुख्यमंत्री कोटे से प्रतिनियुक्ति के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश करेंगे।

महिला की ओर से कथित तौर पर इन संदेशों पर आपत्ति जताई गई। इसके बाद बातचीत में महिला की तारीफ से जुड़े अन्य संदेश भेजे जाने की भी रिपोर्ट है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट को अंतिम सबूत मानने के बजाय पुलिस इसकी प्रामाणिकता और संदर्भ की जांच कर रही है।

15 सितंबर को दर्ज हुई थी FIR

महिला की शिकायत के आधार पर मथुरा के कोतवाली थाने में 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 समेत संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं। इसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी।

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27 सितंबर को पुलिस और SWAT टीम ने अलीगढ़ के क्वार्सी क्षेत्र से राजन रिजवी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद उन्हें मथुरा लाकर मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।

सपा ने संगठनात्मक पद से हटाया

मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने राजन रिजवी को अल्पसंख्यक सभा में उनके संगठनात्मक पद से हटा दिया था। रिपोर्टों में बताया गया है कि यह कार्रवाई शिकायत और मामले के सामने आने के बाद की गई।

फिलहाल महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। गिरफ्तारी या वायरल WhatsApp चैट अपने आप में आरोपों को अंतिम रूप से साबित नहीं करती। मामले में पुलिस द्वारा जुटाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, CCTV फुटेज और अन्य सामग्री जांच के अगले चरण में महत्वपूर्ण हो सकती है।