राजस्थान के अलवर में एक नाबालिग प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। परिवार उनके रिश्ते के खिलाफ थे, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के अलवर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां शुक्रवार सुबह एक नाबालिग लड़के और लड़की ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। यह दर्दनाक हादसा सुरेर रेलवे स्टेशन के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, रेलवे पुलिस और गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर राजगढ कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) की मोर्चरी में रखवाया। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया। एक फॉरेंसिक टीम भी अस्पताल पहुंची और मामले से जुड़े सबूत इकट्ठा किए।
परिवार को मंजूर नहीं था रिश्ता
पुलिस ने बताया कि दोनों नाबालिग एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन उनके परिवार इस रिश्ते के खिलाफ थे। माना जा रहा है कि इसी वजह से दोनों परेशान थे और शायद इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। लड़के ने हाल ही में 12वीं क्लास पास की थी, जबकि लड़की 12वीं में आई थी।
लड़के का सोशल मीडिया मैसेज
अपनी जान देने से पहले लड़के ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया था। उसने लिखा, “अगर मैं अचानक मर जाऊं तो दोस्त दुखी मत होना, वादा दोस्ती का था, जिंदगी का नहीं।” यह मैसेज अब तेजी से वायरल हो रहा है और इस घटना को और भी भावुक बना रहा है।
परिवारों ने क्या बताया?
लड़के के पिता के मुताबिक, उनका बेटा शुक्रवार सुबह बिना बताए घर से निकल गया था। बाद में उन्हें पता चला कि वह लड़की के साथ सुरेर रेलवे स्टेशन गया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें इस मामले में किसी पर कोई शक नहीं है। वहीं, लड़की के पिता ने कहा कि वह गुरुवार रात 11 बजे तक घर पर ही थी। पूरा परिवार एक ही कमरे में सोया था, लेकिन जब वह सुबह करीब 5 बजे उठे तो बेटी गायब थी। काफी ढूंढने के बाद परिवार को पता चला कि वह लड़के के साथ गई है।
रेलवे पुलिस की जांच जारी
रेलवे पुलिस ने दोनों परिवारों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। घटना के हर पहलू को समझने के लिए जांच की जा रही है। इस दुखद मामले ने एक बार फिर किशोरों में भावनात्मक तनाव और मुश्किल समय में उन्हें सपोर्ट देने की जरूरत पर चिंता बढ़ा दी है।
(खुदकुशी किसी भी समस्या का हल नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लें। अगर आपको कभी ऐसे विचार आते हैं, तो कृपया 'दिशा' हेल्पलाइन पर कॉल करें। टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 1056, 0471-2552056)


