राजस्थान के पंचायतीराज चुनाव में कई दिग्गज अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। इनमें एक हैं राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ और बहू कनिका सिंह जो चूरू जिला परिषद चुनाव में बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं। दोनों के हलफनामे के मुताबिक, उनके पास करीब 145 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति, एक किलो सोना और 20 किलो चांदी है।
जयपुर. राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ और उनकी पत्नी कनिका सिंह भी चुनाव मैदान में उतर गए हैं। दोनों ने चूरू जिला परिषद सदस्य के लिए बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। चुनाव के साथ ही उनके हलफनामे में बताई गई संपत्ति भी चर्चा में है। दस्तावेजों के मुताबिक, दंपती के पास कुल 145 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। खास बात यह है कि इतनी संपत्ति होने के बावजूद दोनों के नाम पर कोई कार, जीप या दोपहिया वाहन नहीं है।
पति-पत्नी किस वार्ड से लड़ रहे चुनाव?
- पराक्रम सिंह राठौड़ ने चूरू जिला परिषद के वार्ड नंबर 39 से नामांकन किया है, जबकि उनकी पत्नी कनिका सिंह वार्ड नंबर 23 से बीजेपी उम्मीदवार हैं। दोनों ने नामांकन के साथ अपनी संपत्ति का ब्योरा देते हुए हलफनामा भी पेश किया है।
- कनिका सिंह की उम्र 40 साल है और उन्होंने स्नातक तक पढ़ाई की है। वह पूर्व मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की पुत्रवधू हैं। उनके पति पराक्रम सिंह राठौड़ भी अब चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
एक किलो सोना और 20 किलो चांदी भी
- नामांकन के दौरान पेश किए गए हलफनामे के मुताबिक, पराक्रम सिंह और कनिका सिंह की कुल चल-अचल संपत्ति करीब 145 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें करीब एक किलो सोना और 20 किलो चांदी भी शामिल है।
- हालांकि, संपत्ति के अलग-अलग मदों में दोनों के हिस्से में कितनी रकम है, इसका पूरा ब्योरा देखने के बाद ही व्यक्तिगत संपत्ति का सही आंकड़ा बताया जा सकता है।
करोड़ों की संपत्ति, लेकिन अपने नाम पर वाहन नहीं
- इस हलफनामे की सबसे दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों रुपये की संपत्ति होने के बावजूद पराक्रम और कनिका सिंह ने अपने नाम पर किसी कार, जीप या दोपहिया वाहन का उल्लेख नहीं किया है। यानी संपत्ति के बड़े आंकड़े के बीच वाहन नहीं होना चर्चा का विषय बन गया है।
- फिलहाल, दोनों उम्मीदवार चूरू जिला परिषद चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अब देखना होगा कि चुनाव में मतदाता उन्हें कितना समर्थन देते हैं।


