अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले में यूपी पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 8 आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की। कई अहम दस्तावेज, ज्वैलरी और नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। जानिए SIT जांच, FIR और ट्रस्ट के बयान से जुड़ी पूरी जानकारी।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों के ठिकानों पर पुलिस ने एक साथ छापेमारी की। इस दौरान कई स्थानों से आभूषण, नकदी, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद सामग्री का आकलन कर रही है और आरोपियों की पुलिस रिमांड पर भी फैसला लिया जा सकता है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

कई जिलों में हुई कार्रवाई

जांच के तहत मिल्कीपुर ग्रामीण क्षेत्र में आरोपी अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के पैतृक घरों की तलाशी ली गई। वहीं जांचकर्ता रमाशंकर मिश्रा के आवास पर भी पुलिस ने परिवार के सदस्यों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, यहां से कुछ अहम दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। छापेमारी के दौरान सभी आरोपियों के परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए।

ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला

राम मंदिर चंदा विवाद 7 जून को चर्चा में आया, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण 'पवन' पांडे ने मंदिर के चढ़ावे में 5 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये तक के कथित गबन का आरोप लगाया। इसके बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी ने 15 से 20 जून के बीच प्रारंभिक जांच की। जांच में श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई नकदी और कीमती वस्तुओं के प्रबंधन में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

8 आरोपियों के खिलाफ दर्ज है मामला

जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव और करुणेश पांडे शामिल हैं।

ट्रस्ट ने पारदर्शी जांच का दिया भरोसा

राम मंदिर ट्रस्ट ने इस पूरे मामले पर बयान जारी कर कहा है कि वह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होगी और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पुलिस बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।