Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन मामले में फैजाबाद बार एसोसिएशन ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और अन्य के खिलाफ शिकायत दी है।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने गुरुवार को मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा, मंदिर प्रशासक गोपाल राव और कृष्ण देव के खिलाफ लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में वकीलों ने अयोध्या जिला अदालत से राम जन्मभूमि थाने तक मार्च निकाला। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

बार एसोसिएशन की शिकायत, एफआईआर की मांग तेज
फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका शरण मिश्रा ने बताया कि चार लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत पुलिस को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत की प्रति लेने के लिए प्रतिनिधिमंडल गया है और यदि उसकी कॉपी नहीं दी गई तो आंदोलन जारी रहेगा। बार एसोसिएशन का कहना है कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत स्वयं कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इससे पहले 29 जून को एसोसिएशन ने यह भी घोषणा की थी कि कथित चढ़ावा गबन मामले के आरोपियों की ओर से कोई भी अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा।
6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक पर टिकी निगाहें
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक 6 जुलाई को प्रस्तावित है। इस बैठक में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर फैसला लिया जाएगा। दोनों ने 27 जून को अपने पदों से इस्तीफा दिया था। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट की यह बैठक मौजूदा विवाद और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है।
जांच जारी, पुलिस कर चुकी है पूछताछ
कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाल ही में चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की थी। जांच एजेंसियां शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी अदालत ने आरोपों को साबित नहीं माना है और जांच जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।


