प्रयागराज जंक्शन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री फिसल गया। वहां तैनात RPF कॉन्स्टेबल गीता ने फुर्ती से उसे खींचकर उसकी जान बचाई। उनकी सतर्कता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जंक्शन पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एक यात्री चलती हुई लिच्छवी एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका पैर फिसल गया। यह घटना प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शख्स ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, लेकिन उसका पैर फिसल गया और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच खतरनाक गैप में गिर गया। कुछ ही सेकंड में उसकी जान जा सकती थी।

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RPF कॉन्स्टेबल गीता ने दिखाई फुर्ती

ठीक उसी वक्त, RPF की महिला कॉन्स्टेबल गीता प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर थीं। उन्होंने बिना एक पल गंवाए यात्री की तरफ दौड़ लगाई और उसे गैप से बाहर खींच लिया। उनकी इस फुर्ती ने उस शख्स की जान बचा ली। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई।

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अधिकारियों ने बताया कि कॉन्स्टेबल गीता की सूझबूझ और हिम्मत की वजह से यात्री की जान बच गई। उनकी सतर्कता ने एक बड़े हादसे को होने से रोक दिया।

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

बचाव का यह CCTV फुटेज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने कॉन्स्टेबल गीता की जमकर तारीफ की और उन्हें रियल-लाइफ हीरो बताया। एक यूजर ने लिखा कि उनकी फुर्ती और बहादुरी सिर्फ ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह सच्ची मानवीय संवेदना और कर्तव्य की मजबूत भावना को दिखाती है। एक अन्य यूजर ने कहा कि ऐसे अधिकारियों की वजह से लाखों यात्री सुरक्षित महसूस करते हैं जो पर्दे के पीछे काम करते हैं। कई लोगों ने उनकी हिम्मत को सलाम किया और यात्री की जान बचाने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।

मिले-जुले रिएक्शन और सुरक्षा पर सवाल

जहां ज्यादातर रिएक्शन पॉजिटिव थे, वहीं कुछ यूजर्स ने एक अहम सवाल भी उठाया। उन्होंने पूछा कि रेलवे पुलिस यात्रियों को चलती ट्रेनों में चढ़ने से पहले ही क्यों नहीं रोकती? एक कमेंट में कहा गया कि इलाज से बेहतर रोकथाम है और सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने का सुझाव दिया गया। दूसरे यूजर्स ने यात्रियों को सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और जोखिम भरे व्यवहार से बचने की याद दिलाई। कई कमेंट्स में लोगों को चेतावनी दी गई कि वे चलती ट्रेनों में न चढ़ें और न ही उतरें, क्योंकि समय पर ट्रेन पकड़ने से ज्यादा कीमती जिंदगी है। कुछ यूजर्स ने निराशा जताते हुए कहा कि अगर यात्री खुद ही सुरक्षा के बुनियादी नियमों को नजरअंदाज करते रहेंगे तो रेलवे अधिकारी कब तक लोगों को बचाते रहेंगे।