Saket Namdev Missing: सागर के साकेत नामदेव 12 सितंबर से लापता हैं। 22 दिन बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम की बाहरी दीवार पर उनकी गुमशुदगी का पोस्टर लगा है। परिवार लगातार तलाश में जुटा है।

वृंदावन की गलियों में इन दिनों एक पोस्टर परिवार की बेचैनी की कहानी कह रहा है। मध्य प्रदेश के सागर निवासी साकेत नामदेव 22 दिन से लापता हैं और अब उनकी तस्वीर प्रेमानंद महाराज के आश्रम की बाहरी दीवार पर भी नजर आ रही है। परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई पुख्ता सुराग नहीं मिला है।

1 सितंबर को वृंदावन आया था साकेत

परिजनों के मुताबिक साकेत 1 सितंबर 2026 को वृंदावन आया था। वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दर्शन और सत्संग के लिए पहुंचा था। शुरुआत में परिवार से उसकी नियमित बातचीत होती रही, लेकिन 12 सितंबर के बाद अचानक उसका मोबाइल बंद हो गया। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया।

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आश्रम की दीवार पर चस्पा हुआ गुमशुदगी पोस्टर

साकेत की तलाश में अब वृंदावन में पोस्टर लगाए गए हैं। आश्रम की बाहरी दीवार पर लगे पोस्टर में उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी और परिजनों के संपर्क नंबर दिए गए हैं। हालांकि ये पोस्टर किसने और कब लगाए, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। परिवार लोगों से अपील कर रहा है कि साकेत के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें।

परिवार ने पुलिस और आश्रम पर उठाए सवाल

कई दिनों तक कोई खबर नहीं मिलने के बाद साकेत के परिजन सागर से वृंदावन पहुंचे और खुद उसकी तलाश शुरू की। परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस से उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली। आश्रम प्रबंधन से भी सहयोग नहीं मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।

क्या दूसरे मामलों से कोई कनेक्शन है?

साकेत के लापता होने के बाद आश्रम क्षेत्र से जुड़े दूसरे गुमशुदगी के मामलों की भी चर्चा हो रही है। हाथरस के अनुज चौधरी को बरसाना से बरामद किया गया था, जबकि कासगंज के मयंक के प्रयागराज में मिलने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन इन मामलों और साकेत की गुमशुदगी के बीच फिलहाल कोई प्रत्यक्ष संबंध साबित नहीं हुआ है।

22 दिन बाद भी परिवार को इंतजार

साकेत के लापता होने को 22 दिन हो चुके हैं। परिवार अब भी उसकी सकुशल वापसी की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि 12 सितंबर के बाद साकेत कहां गया और उसका मोबाइल क्यों बंद हुआ। इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और साकेत के मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

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