मध्य प्रदेश के सतना में लगातार भारी बारिश के बाद बाढ़ से तबाही मची हुई है। मंदाकिनी समेत कई नदियां उफान पर हैं और खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने पूरे जिले में रेड अलर्ट जारी कर दिया है और स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
सतना : मध्य प्रदेश के सतना जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मंगलवार को यहां रेड अलर्ट जारी कर दिया गया क्योंकि मंदाकिनी समेत कई बड़ी नदियां उफान पर हैं। सतना के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) सतीश कुमार एस ने बताया कि पिछली रात सिर्फ तीन से चार घंटों में जिले में 8-10 सेंटीमीटर बारिश हो गई, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
चित्रकूट में मंदाकिनी दिखा रही रौद्र रूप
डीएम ने कहा, “सतना की सभी नदियां और नाले इस वक्त उफान पर हैं। मैंने आज सुबह 6 बजे पूरे जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया और सभी इमरजेंसी टीमों को एक्टिवेट कर दिया है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया—खासकर मझगवां, पिंडरा और परौंदा में—पिछली रात 8 सेंटीमीटर बारिश हुई, जिससे नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ गया।” DM ने मोकमगढ़ पुल की अहमियत पर जोर देते हुए बताया कि पुल पर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है और भारी गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
कई पुल टूटे और कई रास्ते हुए बंद
- सतीश कुमार ने आगे कहा, "हमने मोकमगढ़ पुल पर भारी गाड़ियों पर बैन लगा दिया है। यह सतना जिले का इकलौता पुल है जो बाढ़ में बचा हुआ है, और हमें इसे सुरक्षित रखना ही होगा। पिंडरा में नेशनल हाईवे भी कट गया है। उसकी मरम्मत में कुछ वक्त लगेगा। इसलिए इस पुल को बचाना बहुत ज़रूरी है। पुल के दोनों तरफ बैरिकेड लगा दिए गए हैं और कई जगहों पर ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर मोड़ा गया है।"
- मौसम विभाग ने 4 सितंबर तक इस इलाके के लिए हाई अलर्ट जारी किया है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है।राहत के कामों पर कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि सरकार, प्रशासन, धार्मिक संस्थाएं और सेवा ट्रस्ट मिलकर खाना, पानी और दवाइयां बांट रहे हैं।


