सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान और तुर्की के साथ अहम बैठक होगी। मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के तहत सऊदी की सुरक्षा और सैन्य मदद पर चर्चा होगी।

Saudi Arabia-Houthi Conflict: सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता दिख रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान जल्द ही एक अहम उच्चस्तरीय बैठक करने की तैयारी में हैं। यह बैठक तीनों देशों के बीच हुए मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत होगी। बैठक में हूती हमलों के बीच सऊदी अरब की सुरक्षा और उसे किस तरह की मदद दी जा सकती है, इस पर चर्चा होने की संभावना है। इसी बीच सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह बिन फौजान अल-फौजान ने सीमा पर तैनात सैनिकों से हूतियों के हमलों का मजबूती से सामना करने और जरूरत पड़ने पर अपनी जान तक देने के लिए तैयार रहने को कहा है।

मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के तहत तीनों देशों की बैठक

  • सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत मुलाकात की है।
  • इस बैठक में सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान शामिल हुए।
  • तीनों देशों ने मक्का समेत सऊदी अरब के अन्य नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा की और सऊदी अरब के अपनी रक्षा करने के अधिकार की पुष्टि की।
  • इसके बाद अब तीनों देशों के चीफ ऑफ स्टाफ की तत्काल बैठक की तैयारी की जा रही है।
  • हालांकि, अभी इस बैठक की तारीख और इसमें तय होने वाली मदद का स्वरूप स्पष्ट नहीं किया गया है।
  • मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे तीनों देशों पर हमला माना जाता है।
  • यह समझौता 7 अगस्त 2026 को सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ था।

सऊदी ग्रैंड मुफ्ती ने सैनिकों से क्या कहा?

  • सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह अल-फौजान ने हूती हमलों का सामना कर रहे सैनिकों और गठबंधन बलों से एकजुट रहने की अपील की है।
  • उन्होंने सैनिकों से धैर्य और मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने हूतियों के खिलाफ लड़ाई में जरूरत पड़ने पर अपनी जान देने के लिए भी तैयार रहने की बात कही।
  • ग्रैंड मुफ्ती का यह बयान ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब पर हूतियों के मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हुए हैं।
  • हाल के दिनों में सऊदी अरब ने कई हमलों को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है।
  • मक्का और दूसरे इलाकों को लेकर भी सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं।

तुर्की ने सऊदी की सैन्य जरूरतों में मदद की बात कही

  • मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि हूती हमलों की स्थिति में पाकिस्तान और तुर्की सऊदी अरब की किस तरह मदद करेंगे।
  • तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान पहले ही कह चुके हैं कि अगर सऊदी अरब को सैन्य या तकनीकी जरूरतें होती हैं तो तुर्की समझौते के तहत मदद के लिए तैयार है।
  • उन्होंने खास तौर पर कुछ तकनीकी सैन्य जरूरतों को पूरा करने की बात कही थी।
  • वहीं पाकिस्तान ने भी समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
  • हालांकि, अभी तक पाकिस्तान ने हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य अभियान में शामिल होने का ऐलान नहीं किया है।

क्या सऊदी की मदद के लिए सीधे युद्ध में उतरेंगे पाकिस्तान-तुर्की?

  • मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर अगस्त में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने हस्ताक्षर किए थे।
  • समझौते का मुख्य प्रावधान यह है कि तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा।
  • अब सऊदी अरब पर लगातार हो रहे हूती हमलों के बीच तीनों देशों के चीफ ऑफ स्टाफ की प्रस्तावित बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
  • इस बैठक में सऊदी की सुरक्षा जरूरतों और संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है।
  • हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान और तुर्की हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य कार्रवाई में उतरेंगे या सऊदी अरब को हवाई सुरक्षा, तकनीकी सहायता, सैन्य उपकरण या किसी अन्य तरीके से मदद देंगे।