क्या पुणे में खुद “भगवान का दूत” बताने वाले गुरु ने 15 साल तक महिला को डर और शोषण के जाल में फंसाए रखा? क्या निजी वीडियो, CCTV फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस रहस्यमयी आश्रम के सबसे बड़े राज खोलेंगे? बंगले में बन रही अंडरग्राउंड सुरंग का मकसद क्या था, और क्या इसमें अन्य अनुयायी भी शामिल थे? क्या संपत्ति हड़पने, मानसिक प्रताड़ना और यौन शोषण का है?
Pune Spiritual Guru Arrest: महाराष्ट्र के पुणे शहर से एक ऐसा रूह कँपा देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और आस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। खुद को भगवान का दूत और अलौकिक शक्तियों का स्वामी बताने वाले एक तथाकथित आध्यात्मिक गुरु ने एक पढ़ी-लिखी महिला की जिंदगी को जीते-जी नरक बना दिया। पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जब वाघोली के उबालेनगर स्थित एक आलीशान बंगले पर छापा मारा, तो जो हकीकत सामने आई, उसने पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। इस मामले में मुख्य आरोपी और उसके सात साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

श्रद्धा के पीछे छिपा अंधेरा खेल?
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी लोगों की स्वास्थ्य, आर्थिक और पारिवारिक समस्याओं को चमत्कारी शक्तियों से हल करने का दावा करता था। इसी भरोसे के सहारे उसने कई लोगों को अपने प्रभाव में लिया। शिकायतकर्ता महिला भी कथित तौर पर वर्षों पहले उसके संपर्क में आई और धीरे-धीरे उसकी दुनिया उसी आश्रम तक सीमित होकर रह गई। जांचकर्ताओं का कहना है कि महिला को परिवार और दोस्तों से दूर कर दिया गया था, जिससे वह पूरी तरह आरोपी पर निर्भर हो जाए। यही वह बिंदु था जहां कथित शोषण का सिलसिला शुरू हुआ।
'दूत' के भेष में छिपा था शैतान: अलौकिक शक्तियों का झूठा चक्रव्यूह
इस सनसनीखेज मामले का मुख्य सूत्रधार 59 वर्षीय राधामोहन मिश्रा है, जो मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। मिश्रा पिछले आठ सालों से पुणे में एक आलीशान बंगले को आश्रम बनाकर रह रहा था। वह लोगों को स्वास्थ्य, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह को अपनी 'दैवीय शक्तियों' से ठीक करने का झांसा देता था। इसी जाल में पुणे के सिंहगढ़ रोड इलाके की रहने वाली एक 41 वर्षीय महिला फंस गई, जो एक प्रतिष्ठित प्राइवेट कंपनी में ऊंचे पद पर काम करती थी। आरोपी ने महिला और उसके परिवार का विश्वास इस कदर जीता कि महिला पिछले कई सालों से उसी के बंगले में रहने लगी। लेकिन उसे क्या पता था कि जिस चौखट पर वह शांति की तलाश में आई है, वहीं उसकी जिंदगी की सबसे खौफनाक दास्तान लिखी जाने वाली है।

रूह कंपा देने वाला जुल्म: करंट के झटके और पेशाब पीने की मजबूरी
पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकते हैं। शिकायतकर्ता महिला के मुताबिक, आरोपी राधामोहन मिश्रा ने अध्यात्म और तंत्र-मंत्र की आड़ में उसका सालों तक शारीरिक, मानसिक और यौन शोषण किया। प्रताड़ना की हदें पार करते हुए महिला को बिजली के झटके (इलेक्ट्रिक शॉक) दिए जाते थे। इतना ही नहीं, खुद को भगवान का बंदा कहने वाले इस दरिंदे ने महिला को अपना पेशाब पीने तक के लिए मजबूर किया। महिला को उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और पूरे सपोर्ट नेटवर्क से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया था। आरोपी ने महिला के परिवार को इस कदर अपने वश में कर रखा था कि जब भी महिला ने आवाज उठाने की कोशिश की, आरोपी ने परिवार को बहला-फुसलाकर उसकी बातों को झूठ साबित कर दिया।
खुफिया सुरंग और सीक्रेट वीडियो का सस्पेंस: बंगले के भीतर का काला साम्राज्य
यह घिनौना खेल पिछले 25 साल (2001 से 2026) से हरियाणा और पुणे में लगातार चल रहा था। पुलिस की छापेमारी के दौरान बंगले से जो सामग्रियां मिली हैं, उन्होंने इस मामले को और ज्यादा रहस्यमयी और गंभीर बना दिया है:
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अंबार: पुलिस ने बंगले से भारी मात्रा में लैपटॉप, हार्ड डिस्क, टैबलेट, मोबाइल फोन, पेन ड्राइव, सीडी और डीवीडी जब्त की हैं।
- सीक्रेट वीडियो से ब्लैकमेलिंग: जांचकर्ताओं को अंदेशा है कि पीड़िता के कुछ बेहद निजी वीडियो रिकॉर्ड किए गए थे, जिनका इस्तेमाल उसे डराने और चुप रखने के लिए किया जाता था। पूरे परिसर और महिला के कमरों में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा था।
- रहस्यमयी भूमिगत सुरंग: पुलिस को बंगले के भीतर एक निर्माणाधीन भूमिगत (अंडरग्राउंड) सुरंग मिली है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गुप्त सुरंग को बनाने का असली मकसद क्या था।
- नकदी और जेवरात: छापे के दौरान ₹6.5 लाख नकद, ₹15 लाख के सोने के गहने और कई तरह की संदिग्ध दवाइयां भी बरामद हुई हैं।
कानून का शिकंजा: क्या सामने आएंगे और भी शिकार?
पुणे क्राइम ब्रांच ने मुख्य आरोपी राधामोहन मिश्रा के साथ उसके सबसे करीबी सहयोगी कंवल नयन (58 वर्ष) और छह महिला सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे जुल्म में मिश्रा का साथ देती थीं। इन सभी आठ आरोपियों पर यौन उत्पीड़न के अलावा महिला की करोड़ों की संपत्ति को धोखे और जालसाजी से अपने नाम करवाने का भी आरोप है। अदालत ने सभी आरोपियों को 20 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस को शक है कि इस तथाकथित गुरु के जाल में कई और महिलाएं भी फंसी हो सकती हैं, जिन्हें इस गुप्त बंगले और सुरंग के जरिए प्रताड़ित किया जाता था। फिलहाल, पुणे पुलिस इस काले साम्राज्य के हर एक पन्ने को खंगालने में जुटी है।


