शिवसेना में बड़ी फूट। 9 में से 6 लोकसभा सांसदों ने उद्धव का साथ छोड़ा। बागियों ने अलग गुट की मान्यता मांगी है, जबकि उद्धव खेमे ने व्हिप जारी कर अयोग्यता की चेतावनी दी है। संजय राउत ने 15 करोड़ में सांसद बिकने का आरोप लगाया।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बगावत के सुर तेज हो गए हैं। शिवसेना के लिए आज का दिन बेहद अहम है। शिवसेना (उद्धव गुट) और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने अपने-अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। सबकी नजरें शिवसेना की मीटिंग पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या उद्धव गुट के 6 बागी सांसद इस बैठक में शामिल होंगे?

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दरअसल, लोकसभा में शिवसेना के 6 बागी सांसदों ने स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखकर खुद को एक अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता देने की मांग की है। वहीं, उद्धव खेमे ने भी जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। चीफ व्हिप अनिल देसाई ने व्हिप जारी कर सभी लोकसभा सांसदों को आज की बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल होने का निर्देश दिया है। उद्धव कैंप ने साफ कर दिया है कि जो सांसद बैठक में नहीं आएंगे, उनके खिलाफ अयोग्यता की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

पार्टी नेता अरविंद सावंत ने भी स्पीकर को एक चिट्ठी लिखकर बागी गुट को अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता न देने की अपील की है। चिट्ठी में कहा गया है कि असली शिवसेना कौन है, इसका मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। ऐसे में राजनीतिक पार्टी की इजाजत के बिना सिर्फ विधायक दल कोई फैसला नहीं ले सकता।

आपको बता दें कि कल ही पार्टी के कुल 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने उद्धव का साथ छोड़कर शिंदे को समर्थन देने का ऐलान किया था। इन 6 सांसदों में संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टीकर, संजय पाटिल और ओमराजे निंबालकर शामिल हैं। बागियों से मिलने के लिए खुद एकनाथ शिंदे कल दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, एक बागी सांसद अभी मुंबई में ही हैं। बागियों को उम्मीद है कि नौ में से छह सांसद (यानी दो-तिहाई) एक साथ आने पर उनकी सदस्यता नहीं जाएगी। उद्धव खेमे ने बागियों को रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन वे नाकाम रहे।

संजय राउत का बड़ा आरोप- 15 करोड़ में बिके सांसद

इस बीच, शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सत्ता पक्ष पर पैसे का खेल खेलने का गंभीर आरोप लगाया है। राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा कि उन्हें चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि पाला बदलने के लिए हर सांसद को 15 करोड़ रुपये एडवांस दिए गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, "अपना सपना मनी मनी"। राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने एकनाथ शिंदे के जरिए उनके सांसदों को 15 करोड़ रुपये देकर चार्टर्ड प्लेन से महाराष्ट्र से बाहर भेजा। उन्होंने इसे 'ऑपरेशन टाइगर' बताया और मांग की कि जो सांसद जा रहे हैं, वे इस्तीफा देकर जाएं।

लोकसभा में NDA का गणित

शिवसेना सांसदों के इस कदम से लोकसभा में एनडीए को बड़ा फायदा मिल सकता है। एनडीए के पास पहले 293 सांसद थे। अगर टीएमसी के 20 और शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 सांसद साथ आ जाते हैं, तो यह आंकड़ा 319 हो जाएगा। इसके अलावा, अगर छोटी पार्टियां, निर्दलीय (करीब 10) और इंडिया गठबंधन छोड़ चुके डीएमके के 22 सांसद भी एनडीए के पाले में आ गए, तो एनडीए को दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है। मॉनसून सत्र में अहम बिल लाने की तैयारी कर रही बीजेपी के लिए यह एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।