NEET पेपर लीक पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने हड़ताल खत्म करने के लिए 2 शर्तें रखी हैं। छात्र संगठन CJP ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों के हक के लिए अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के सामने अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए दो शर्तें रखी हैं। उन्होंने केंद्र को एक चिट्ठी भेजकर कहा है कि अगर सरकार अपने 2 वादे पूरे कर दे तो वे अपना अनशन खत्म कर देंगे।

सरकार ने कथित तौर पर वांगचुक को भरोसा दिलाया था कि NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा की जाएगी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा, इस मामले के चलते खुदकुशी करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का वादा भी किया गया था। वांगचुक ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि अगर इन दोनों बातों पर तुरंत अमल होता है, तो वह अपना अनशन तोड़ने के लिए तैयार हैं।

CJP ने की वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील

इस बीच, छात्र संगठन CJP (Citizens for Justice and Peace) ने सोनम वांगचुक से अपना अनशन खत्म करने की अपील की है। CJP नेता अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए उनका जीवन बचाना सबसे ज़रूरी है। उन्होंने कहा, "देश को इस लड़ाई में उनकी सेवाओं की आगे भी ज़रूरत है।" CJP नेताओं ने वांगचुक की सेहत पर चिंता जताते हुए मांग की कि केंद्र को धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लेना चाहिए। अभिजीत दीपके ने यह भी साफ किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

केंद्र और CJP के बीच बातचीत की उम्मीद कम

फिलहाल, CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत की संभावना कम होती दिख रही है। CJP के प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे बातचीत के लिए किसी के ऑफिस या घर नहीं जाएंगे। CJP नेता सौरव दास ने कहा, "पिछली बार जब हम बातचीत के लिए गए थे, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया था। हम ऐसा दोबारा नहीं होने देंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत की कोई संभावना नहीं दिख रही है। प्रदर्शनकारियों ने बातचीत के लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जैसी किसी जगह का सुझाव दिया था, लेकिन केंद्र इसके लिए तैयार नहीं है। सौरव दास ने कहा कि वे केवल किसी निष्पक्ष जगह पर ही बातचीत के लिए आएंगे।