साउथवेस्ट फ्लाइट में एक यात्री के नमाज़ के अलार्म को बम का टाइमर समझ लिया गया, जिससे हड़कंप मच गया। इस गलतफहमी के कारण फ्लाइट को अटलांटा डायवर्ट किया गया। जांच के बाद मामला सुलझ गया।
फ्लोरिडा जा रही साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट में यात्री बड़े आराम से सफर कर रहे थे। सब अपनी-अपनी दुनिया में खोए हुए थे। तभी एक मुस्लिम यात्री के फोन का अलार्म बजा और पूरे प्लेन में हड़कंप मच गया। खतरे का सायरन बजने लगा और यात्रियों की जान हलक में अटक गई। कई लोगों को लगा कि अब उनकी जिंदगी के कुछ ही मिनट बचे हैं। क्रू मेंबर्स ने हालात की गंभीरता को समझा और पायलट ने अधिकारियों के निर्देश पर फौरन फ्लाइट को अटलांटा की ओर मोड़ दिया।
यात्रियों की अटक गईं सांसें!
यह घटना 6 मार्च को साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट 2094 में हुई, जो नैशविले से फ्लोरिडा के फोर्ट लॉडरडेल-हॉलीवुड इंटरनेशनल एयरपोर्ट जा रही थी। एक मुस्लिम शख्स के फोन का अलार्म बजते ही कुछ ही पलों में सब कुछ बदल गया। क्रू मेंबर्स के इमरजेंसी निर्देशों के बीच फ्लाइट ने अपना रास्ता बदला और अटलांटा में लैंड हुई। इस दौरान कई यात्री डर के मारे रोने लगे और अपने परिवार वालों को आखिरी बार याद करने लगे।
जब फ्लाइट अटलांटा में उतरी, तो सबने दौड़कर अपनी जान बचाने वाले भगवान का शुक्रिया अदा किया। जिस शख्स के फोन का अलार्म बजा था, शायद उसे भी समझ नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या है। आखिरकार, जब सिक्योरिटी स्टाफ ने आकर मामले की जांच की, तो कहानी कुछ और ही निकली।
आखिर हुआ क्या था?
दरअसल, एक मुस्लिम यात्री ने नमाज़ पढ़ने के लिए अपने फोन में अलार्म सेट किया हुआ था। जब नमाज़ का वक्त हुआ, तो अलार्म अपने तय तरीके से बजने लगा। लेकिन अलार्म की आवाज़ सुनकर दूसरे यात्रियों ने उसे बम का टाइमर या कोई धमकी समझ लिया। बस फिर क्या था, कुछ लोगों ने उन्हें आतंकवादी समझकर चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे प्लेन में अफरातफरी का माहौल बन गया।
जांच में सामने आई सच्चाई
यह पूरी घटना उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद हुई। अटलांटा में लैंडिंग के बाद सिक्योरिटी स्टाफ प्लेन में दाखिल हुआ। उन्होंने यात्रियों से सिर नीचे करने और हाथ ऊपर उठाने को कहा। जब उस शख्स की जांच की गई, तो पता चला कि वो सिर्फ नमाज़ के लिए एक अलार्म था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस गलतफहमी की वजह से उस यात्री को विमान से उतार दिया गया। इसके बाद बाकी यात्रियों ने राहत की सांस ली और अपनी आगे की यात्रा पूरी की।
