मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। ये AI, ड्रोन, ब्लॉकचेन जैसी तकनीकों पर केंद्रित हैं और स्टार्टअप्स, नवाचार व रोजगार को नई गति देंगे।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेज़ी से नवाचार, अनुसंधान और अत्याधुनिक तकनीक के विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में स्थापित 07 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस देश की तकनीकी अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। ये केंद्र स्टार्टअप क्रांति को गति देने के साथ-साथ प्रदेश के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत बना रहे हैं।

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उत्तर प्रदेश बनेगा राष्ट्रीय और वैश्विक इनोवेशन हब

सरकार की इस पहल से उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इनोवेशन हब के रूप में उभरने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को आधुनिक अर्थव्यवस्था का इंजन माना जाता है, क्योंकि ये अनुसंधान, प्रशिक्षण, उत्पाद विकास और उद्योग सहयोग के केंद्र के रूप में कार्य करते हैं।

क्या होते हैं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऐसे विशेषीकृत संस्थान होते हैं, जो किसी एक उन्नत तकनीक या क्षेत्र में केंद्रित होते हैं। यहां यह सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होती हैं

  • अनुसंधान (Research)
  • प्रशिक्षण (Training)
  • उत्पाद विकास (Product Development)
  • उद्योग सहयोग (Industry Collaboration)

इन केंद्रों के माध्यम से स्टार्टअप और युवा उद्यमियों को उच्च स्तरीय लैब, प्रोडक्ट टेस्टिंग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्योग जगत से नेटवर्किंग का अवसर मिलता है।

थीम आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मिली मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने थीम आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को स्वीकृति दी है। ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ब्लॉकचेन, मेडिटेक, टेलिकॉम, ड्रोन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित हैं। इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा विश्वस्तरीय स्टार्टअप विकसित कर सकेंगे और प्रदेश में नए रोजगार अवसरों का सृजन होगा।

स्टार्टअप्स और युवाओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में चयनित प्रोडक्ट आधारित स्टार्टअप्स को कई अहम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं

  • अत्याधुनिक लैब सुविधाएं
  • को-वर्किंग स्पेस
  • रिसर्च सपोर्ट
  • प्रोडक्ट टेस्टिंग
  • अनुभवी विशेषज्ञों की मेंटरशिप

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा या स्टार्टअप को संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े।

वित्तीय सहायता का मजबूत ढांचा

प्रदेश सरकार ने इन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए मजबूत वित्तीय सहायता ढांचा भी तैयार किया है। इससे स्टार्टअप्स को अपने विचारों को उत्पाद में बदलने और बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

छोटे शहरों तक पहुंचेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रदेश के विभिन्न शहरों में स्थापित ये 07 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस केवल तकनीकी विकास ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं को भी अपने ही प्रदेश में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं और उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।