Swiggy Platform Fee Hike: ज़ोमैटो के बाद अब स्विगी ने भी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर 17.58 रुपये कर दी है। अब दोनों ऐप्स से खाना ऑर्डर करना पहले से महंगा हो गया है। पिछले सात महीनों में स्विगी चौथी बार फीस बढ़ा चुकी है।

Swiggy New Charges India: अगर आप अक्सर मोबाइल ऐप से खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपकी जेब से जुड़ी है। देश के बड़े फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर खाना मंगाना अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। ज़ोमैटो के बाद अब स्विगी ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है। हर ऑर्डर पर लगने वाली यह फीस अब बढ़कर 17.58 रुपये हो गई है। यानी अब दोनों बड़े फूड डिलीवरी ऐप्स से खाना ऑर्डर करने पर ग्राहकों को पहले से ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे।

स्विगी ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस

फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस 14.99 रुपये से बढ़ाकर 17.58 रुपये कर दी है। यह करीब 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी मानी जा रही है। हाल ही में ज़ोमैटो ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस और जीएसटी मिलाकर लगभग इतनी ही रकम कर दी थी। ऐसे में अब दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर खाना मंगाने पर ग्राहक को करीब 17.58 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।

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पिछले सात महीनों में चौथी बार बढ़ी फीस

गौर करने वाली बात यह है कि पिछले सात महीनों में स्विगी ने चौथी बार प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई है। धीरे-धीरे बढ़ती इस फीस का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। पहले जहां ग्राहक सिर्फ डिलीवरी चार्ज और जीएसटी देते थे, वहीं अब प्लेटफॉर्म फीस भी बिल का एक बड़ा हिस्सा बनती जा रही है।

2 रुपये से 17 रुपये तक पहुंची फीस

फूड डिलीवरी ऐप्स पर प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत 2023 में सिर्फ 2 रुपये से हुई थी। लेकिन समय के साथ यह रकम तेजी से बढ़ी और अब 17 रुपये से ज्यादा हो गई है। एक आम ग्राहक के लिए यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन जब करोड़ों ऑर्डर रोज किए जाते हैं, तो कंपनियों के लिए यह कमाई का बड़ा जरिया बन जाता है।

करोड़ों ऑर्डर से बन रही बड़ी कमाई

अनुमान के मुताबिक देश में फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स पर हर दिन करीब 43 लाख से 45 लाख ऑर्डर किए जाते हैं। ऐसे में सिर्फ प्लेटफॉर्म फीस से ही कंपनियां हर साल लगभग 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये तक की कमाई कर रही हैं। यही वजह है कि कंपनियां इस फीस को धीरे-धीरे बढ़ाती जा रही हैं।

आखिर क्यों बढ़ रही है फीस

बाजार के जानकारों का कहना है कि फूड डिलीवरी कंपनियां अब रेस्टोरेंट्स से मिलने वाले कमीशन को ज्यादा नहीं बढ़ा पा रही हैं। ऐसे में कंपनियां सीधे ग्राहकों से प्लेटफॉर्म फीस के जरिए अतिरिक्त कमाई कर रही हैं। लोगों का मानना है कि आने वाले समय में भी इस तरह की छोटी-छोटी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यानी ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना आगे और महंगा हो सकता है।

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