TCS नासिक में एक पुरुष कर्मचारी ने धार्मिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसे जबरन नमाज़ पढ़वाने, कलमा पढ़वाने और मांसाहारी भोजन के लिए मजबूर किया गया। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुंबई: देश की जानी-मानी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) की नासिक ब्रांच एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगे और अब एक पुरुष कर्मचारी ने भी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कर्मचारी का आरोप है कि उन्हें जबरन टोपी पहनाकर नमाज़ पढ़वाई गई। यही नहीं, उनकी निजी ज़िंदगी को लेकर भी भद्दे कमेंट्स किए गए। इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बच्चे न होने पर उनका मज़ाक उड़ाया गया और कहा गया, "अगर बच्चा चाहते हो तो अपनी पत्नी को मेरे पास भेजो।"

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पीड़ित कर्मचारी के मुताबिक, 2022 में नौकरी ज्वाइन करने के बाद से ही तौसीफ अत्तार और दानिश शेख उन्हें निशाना बना रहे थे। उन्होंने बताया, "मैं हिंदू हूं, लेकिन मुझसे जबरन कलमा पढ़वाया गया और मेरी रुद्राक्ष की माला उतरवा दी गई।" आरोप है कि नाइट शिफ्ट के बाद उन्हें होटलों में ले जाकर ज़बरदस्ती मांसाहारी खाना खिलाया जाता था, जबकि वह शाकाहारी हैं।

कर्मचारी ने आगे बताया कि 2023 में ईद के दिन उनसे जबरन नमाज़ पढ़वाई गई और उसकी तस्वीरें ऑफिस के ऑफिशियल ग्रुप्स में शेयर कर उन्हें अपमानित किया गया। जब उनके पिता को लकवा हुआ, तो आरोपियों ने कहा कि अगर वह इस्लाम अपना लें तो उनके पिता ठीक हो जाएंगे।

इस मामले में पुलिस ने अब तक दानिश, तौसीफ और एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान समेत करीब नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई तब तेज की जब एक 23 साल की महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित पुरुष कर्मचारी का यह भी कहना है कि जब उन्होंने आरोपियों की बात नहीं मानी, तो उनके खिलाफ झूठी शिकायतें देकर उन्हें नौकरी से निकलवाने की कोशिश की गई। यह उत्पीड़न मार्च 2026 तक जारी रहा। फिलहाल, पुलिस ने इस आईटी कंपनी की नासिक ब्रांच से जुड़े करीब नौ मामले दर्ज किए हैं।