अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की 10वीं की मार्कशीट वायरल हो रही है। वे 65% अंकों के साथ एक औसत छात्र थे, जिन्हें गणित में सबसे कम (95) और तमिल में सबसे ज्यादा (155) अंक मिले। अब वे तमिलनाडु के CM बनने जा रहे हैं।

नई दिल्ली: तमिलनाडु की सियासत में नया इतिहास रचने को तैयार एक्टर जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें लोग 'थलापति विजय' के नाम से जानते हैं, अपने स्कूली दिनों में एक "एवरेज स्टूडेंट" थे। 2026 के चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने वाले विजय की 10वीं क्लास की मार्कशीट इन दिनों खूब वायरल हो रही है, जिसे देखकर फैंस भी हैरान हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, विजय ने अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई चेन्नई के विरुगंबक्कम के एक मशहूर मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की थी। उनकी मार्कशीट कुछ इस तरह है:

कुल नंबर: 1100 में से 711 (65%)

तमिल (मातृभाषा): विजय ने अपनी मातृभाषा में सबसे ज्यादा नंबर हासिल किए थे। उन्होंने 200 में से 155 नंबर लाकर इस सब्जेक्ट में टॉप किया था।

गणित (Maths): मार्कशीट देखकर लगता है कि विजय का गणित में हाथ थोड़ा तंग था। इस सब्जेक्ट में उन्हें 200 में से सिर्फ 95 नंबर मिले थे, जो उनकी मार्कशीट का सबसे कम स्कोर है।

दूसरे विषय: साइंस में उन्हें 300 में से 206, अंग्रेजी में 200 में से 133 और सोशल साइंस में 200 में से 122 नंबर मिले थे।

कॉलेज की पढ़ाई रह गई थी अधूरी

विजय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चेन्नई के कोडंबक्कम के फातिमा स्कूल और विरुगंबक्कम के बालालोक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने चेन्नई के मशहूर लोयोला कॉलेज में 'विजुअल कम्युनिकेशन' की डिग्री के लिए एडमिशन लिया। लेकिन एक्टिंग में गहरी दिलचस्पी के चलते उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और फिल्मों में आ गए।

दिलचस्प बात यह है कि दशकों बाद विजय हाल ही में उसी लोयोला कॉलेज लौटे। तिरुचिरापल्ली (पूर्व) या पेरंबूर सीट से जीतने के बाद अपनी चुनावी जीत का सर्टिफिकेट (Victory Certificate) लेने के लिए उनका उसी कॉलेज में पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है। जिस कॉलेज को उन्होंने बीच में छोड़ दिया था, आज उसी में एक विजेता राजनेता के तौर पर लौटना उनके फैंस के लिए गर्व की बात है।

तमिलनाडु में दशकों से राज कर रही DMK और AIADMK जैसी पार्टियों के दबदबे को विजय की पार्टी TVK ने तोड़ दिया है। 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त के साथ, विजय जल्द ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनकी यह पुरानी मार्कशीट इस बात का सबूत है कि एक आम छात्र भी अपनी लगन से असाधारण सफलता हासिल कर सकता है।