क्या ट्रंप-नेतन्याहू रिश्ते में अब सबसे बड़ा राजनीतिक विस्फोट हो गया? क्या बेरूत पर संभावित इजरायली हमला ट्रंप की एक फोन कॉल से रुक गया? क्या लेबनान और हिज़्बुल्लाह संकट ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को पटरी से उतार सकता है? क्या मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव नई जंग की आहट है या पर्दे के पीछे कोई बड़ा समझौता तैयार हो रहा है?
Trump Netanyahu Phone Call: वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच दशकों पुराने रिश्तों में एक ऐसा भूचाल आया है, जिसने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों को सन्न कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई एक गोपनीय फोन बातचीत के लीक होने से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हड़कंप मच गया है। हमेशा सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की तारीफ करने वाले इन दो कद्दावर नेताओं के बीच बंद कमरों में किस कदर तीखी बहस हुई, इसका खुलासा होते ही हर कोई हैरान है।

"तुम बिल्कुल पागल हो... अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते!"
Axios की एक विस्फोटक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर इस कदर भड़क गए कि उन्होंने मर्यादा की दीवारें लांघते हुए नेतन्याहू को सीधे "पागल" कह डाला। ट्रंप ने नेतन्याहू पर सबसे बड़ा हमला बोलते हुए उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के मुकदमों की याद दिलाई। ट्रंप ने चिल्लाते हुए कहा: “तुम बिल्कुल पागल हो। अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूँ। अब हर कोई तुमसे नफ़रत करता है। इसी वजह से हर कोई इजरायल से भी नफ़रत करता है।”इस तीखे संवाद ने यह साफ कर दिया कि पर्दे के पीछे दोनों नेताओं के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच चुका है।
क्या एक हिजबुल्लाह कमांडर के लिए उड़ने वाला था पूरा बेरूत?
सस्पेंस और गहरा तब हो गया जब सूत्रों ने बताया कि ट्रंप इस बात से बेहद नाराज थे कि इजरायल सिर्फ एक हिजबुल्लाह कमांडर को खत्म करने के लिए लेबनान की राजधानी बेरूत में पूरी-पूरी रिहायशी इमारतें गिराने की योजना बना रहा था। ट्रंप ने आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई और इजरायल की इस आक्रामक योजना पर तुरंत रोक लगा दी। ट्रंप का मानना था कि बेरूत पर इस तरह की बमबारी इजरायल को पूरी दुनिया में अकेला कर देगी।
ईरान के साथ महाडील का दांव: क्यों खतरे में पड़ी ट्रंप की शांति वार्ता?
इस गुस्से के पीछे का सबसे बड़ा सस्पेंस था 'ईरान फैक्टर'। राष्ट्रपति ट्रंप इस बात को लेकर सबसे ज्यादा आक्रोशित थे कि जब वे मध्य-पूर्व के संघर्ष को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ईरान के साथ एक बेहद संवेदनशील शांति वार्ता को आगे बढ़ा रहे थे, ठीक उसी वक्त नेतन्याहू लेबनान में जमीनी अभियान का विस्तार कर रहे थे। ट्रंप को लगा कि नेतन्याहू का यह कदम ईरान के साथ होने वाली उनकी महाडील को पूरी तरह से तबाह कर सकता है।
ट्रुथ सोशल का वो पोस्ट और नेतन्याहू की आखिरी चेतावनी
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद, ट्रंप ने अपने 'Truth Social' प्लेटफॉर्म पर लिखा कि उन्होंने 'बीबी' (नेतन्याहू) को बेरूत पर हमला न करने के लिए मना लिया है। उन्होंने हिजबुल्लाह के प्रतिनिधियों से भी बात की है जो युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। हालांकि, सस्पेंस अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके तुरंत बाद नेतन्याहू ने 'X' पर पलटवार करते हुए साफ शब्दों में लिखा कि अगर हिजबुल्लाह ने इजरायली नागरिकों पर हमले नहीं रोके, तो इजरायल बेरूत में आतंकी ठिकानों को तबाह करने से पीछे नहीं हटेगा। इस कड़वाहट के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह युद्धविराम टिक पाएगा या मध्य-पूर्व में किसी बड़े महायुद्ध की शुरुआत होगी।


