Donald Trump Nobel Prize: नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्वे की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि आठ युद्ध रुकवाने और भारत-पाकिस्तान संघर्ष टालने के लिए उन्हें आठ बार यह सम्मान मिलना चाहिए था।
Nobel Peace Prize 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने से नाराज हैं। उन्होंने शुक्रवार को नॉर्वे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनके कामों को देखते हुए उन्हें आठ बार नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कई युद्ध रुकवाए और भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को टालकर करोड़ों लोगों की जान बचाई।
एक जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को उनके नेतृत्व में किए गए प्रयासों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने पुरस्कार नहीं दिए जाने को नॉर्वे के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह फैसला इतिहास में याद रखा जाएगा।
‘हर युद्ध के लिए एक नोबेल मिलना चाहिए था’
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने आठ युद्धों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक, इस उपलब्धि के लिए उन्हें आठ अलग-अलग नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध समेत अन्य संघर्षों को समाप्त कराने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, युद्ध समाप्त कराने से जुड़े ट्रंप के दावों को स्वतंत्र रूप से परखना जरूरी है। जिन संघर्षों का उन्होंने जिक्र किया, उनमें से कुछ की स्थिति और उनके समाधान को लेकर विवाद बना हुआ है।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने का फिर किया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने परमाणु शक्ति संपन्न भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होने से रोका। ट्रंप के मुताबिक, उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में लोगों की जान बची। वह पहले भी दोनों देशों के बीच तनाव कम कराने का श्रेय लेते रहे हैं।
हालांकि, भारत ने पहले ट्रंप के उस दावे को खारिज किया था कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम कराने में व्यापार या टैरिफ संबंधी बातचीत की भूमिका रही थी। इसलिए उनके इस दावे को भारत की आधिकारिक स्थिति से अलग रखकर देखना जरूरी है।
नोबेल पुरस्कार विजेता नवी पिल्लै पर भी टिप्पणी
वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की मानवाधिकार विशेषज्ञ और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार उच्चायुक्त नवनेथम ‘नवी’ पिल्लै को दिया गया है। नोबेल समिति ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए चुना।
ट्रंप ने पिल्लै पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने उनके बारे में पहले कभी नहीं सुना था। उन्होंने पुरस्कार दिए जाने के फैसले की आलोचना की और कहा कि इससे नोबेल शांति पुरस्कार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
ओबामा को नोबेल मिलने पर भी जताते रहे हैं नाराजगी
ट्रंप पहले भी नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2009 में मिला नोबेल पुरस्कार भी कई बार निशाने पर ले चुके हैं। ट्रंप का कहना रहा है कि ओबामा को राष्ट्रपति बनने के शुरुआती साल में ही यह सम्मान मिल गया, जबकि उनके अनुसार उन्होंने खुद कई संघर्षों को रोकने के लिए काम किया है।
नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने के बाद ट्रंप की ताजा टिप्पणी ने इस सम्मान को लेकर उनकी नाराजगी एक बार फिर सामने ला दी है।
