SIR Protest October 23: जाने-माने अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर 23 अक्टूबर को SIR विरोध-प्रदर्शन में शामिल होंगे। जानें इस प्रदर्शन में और कौन से लोग शामिल होंगे।
Parakala Prabhakar Anti-SIR Protest: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति और जाने-माने अर्थशास्त्री परकला प्रभाकर (Parakala Prabhakar) 23 अक्टूबर को होने वाले देशव्यापी विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हैं। ये प्रदर्शन वोटर लिस्ट में बदलाव की प्रक्रिया यानी SIR के खिलाफ बुलाया गया है। इस दौरान एक्टर प्रकाश राज, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके और कई दूसरे लोग भी शामिल हो सकते हैं। 'People Against SIR' नाम के गठबंधन ने इस प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन की मांग है कि SIR की प्रक्रिया रोकी जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। परकला प्रभाकर की मौजूदगी से इस प्रदर्शन पर लोगों का ध्यान बढ़ने की उम्मीद है।
23 अक्टूबर को क्या होने वाला है?
23 अक्टूबर को देशभर में SIR के खिलाफ प्रदर्शन करने की तैयारी है। आयोजकों ने लोगों से अपने इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने की अपील की है। इस अभियान में शामिल संगठन का आरोप है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जो वोट देने के योग्य हैं। गठबंधन का दावा है कि इससे गरीब और कमजोर वर्गों के लोगों पर खास असर पड़ा है।
कौन हैं पराकला प्रभाकर?
पराकला प्रभाकर एक जाने-माने अर्थशास्त्री और लेखक हैं। वह केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के पति हैं। दोनों की मुलाकात दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने 1986 में शादी की थी। निर्मला सीतारमण बीजेपी की सीनियर नेता हैं, जबकि परकला प्रभाकर कई मुद्दों पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उनकी राजनीतिक सोच और सार्वजनिक बयान अक्सर चर्चा में रहते हैं। परकला प्रभाकर ने अपनी किताब 'The Crooked Timber of New India' में नोटबंदी, बेरोजगारी और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।
पहले भी सरकार की नीतियों पर उठा चुके हैं सवाल
परकला प्रभाकर का राजनीतिक सफर भी रहा है। साल 2009 में वह अभिनेता चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी से जुड़े थे। इसके बाद 2014 से 2018 तक उन्होंने आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार में कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर काम किया। अप्रैल 2018 में उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और NDA के बीच मतभेद चल रहे थे। इससे पहले 8 अक्टूबर को भी पराकला प्रभाकर बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वहां अभिनेता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत कई लोग मौजूद थे।
SIR के खिलाफ क्यों हो रहा है विरोध?
SIR (Special Intensive Revision), वोटर लिस्ट की विशेष जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाताओं की जानकारी की जांच की जाती है और वोटर लिस्ट को अपडेट किया जाता है। 'पीपल अगेंस्ट SIR' (People Against SIR) का कहना है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। संगठन चाहता है कि इस प्रक्रिया को रोका जाए और जिन योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें दोबारा शामिल किया जाए। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। ये मांगें प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठन की हैं। चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर दी गई जानकारी और संबंधित आधिकारिक आंकड़ों को भी इस विवाद को समझने के लिए देखना जरूरी है।
नए गठबंधन के जरिए देशभर में आंदोलन की तैयारी
'People Against SIR' का गठन 14 अक्टूबर को हुआ था। इसमें छात्रों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े समूह शामिल हैं। गठबंधन ने 23 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन करने की अपील की है। उसका नारा है, 'हर हाथ में तिरंगा, हर गली में जंतर-मंतर।' संगठन चाहता है कि लोग अपने शहरों और इलाकों में इकट्ठा होकर वोट देने के अधिकार से जुड़े मुद्दे उठाएं। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की जगह को लेकर भी विवाद है। हाल ही में इस जगह को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाए जाने की खबर सामने आई थी। ऐसे में प्रदर्शनकारी दूसरे स्थानों पर भी अपनी आवाज उठाने की तैयारी कर रहे हैं।









