Donald Trump warning to Houthis: सऊदी अरब पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूती विद्रोहियों को कड़ी चेतावनी दी है। रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद ट्रंप का यह बयान आया है। इस बीच, सऊदी गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना में जोरदार एयरस्ट्राइक की है।
Saudi Arabia Houthi Attacks: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि हूती जानबूझकर सऊदी अरब को निशाना बना रहे हैं और शायद वे भूल गए हैं कि अमेरिका पहले उन्हें करारा जवाब दे चुका है।
ट्रंप ने हूतियों को क्यों दी चेतावनी?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर हूतियों की गतिविधियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हूती बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं और उन्हें अमेरिका की पिछली सैन्य कार्रवाई याद रखनी चाहिए। ट्रंप ने आरोप लगाया कि अमेरिकी चुनावों से पहले तेल की कीमतें बढ़ाने की साजिश के तहत सऊदी अरब पर हमले किए जा रहे हैं।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
सऊदी अरब पर हालिया हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। खबर के मुताबिक, पिछले शनिवार को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद सऊदी अरब ने यमन में हूती ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है।
मोहम्मद बिन सलमान से ट्रंप की बातचीत
ट्रंप ने बताया कि उनकी सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बातचीत हुई है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका सऊदी अरब के साथ मिलकर हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेगा, तो उन्होंने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। व्हाइट हाउस से अलास्का जाते समय पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि इस तरह की योजनाओं का पहले से खुलासा नहीं किया जा सकता। इससे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
यमन की राजधानी सना में गठबंधन सेना की एयरस्ट्राइक
दूसरी ओर, सऊदी अरब के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने यमन की राजधानी सना के बाहरी इलाके में हवाई हमले किए हैं। निशाने पर यमन पेट्रोलियम कंपनी का फ्यूल डिपो था। गठबंधन सेना का कहना है कि हूतियों की सैन्य गतिविधियों को रोकना जरूरी है, क्योंकि वे सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
मिसाइल और ड्रोन ठिकानों को निशाना बना रहा सऊदी गठबंधन
गठबंधन सेना ने आरोप लगाया है कि हूती विद्रोही अपने ठिकानों का इस्तेमाल मिसाइल और ड्रोन रखने के साथ-साथ उनकी आपूर्ति के लिए करते हैं। पिछले कुछ हफ्तों में सऊदी अरब के कई एयरपोर्ट्स पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद यमन में जवाबी सैन्य कार्रवाई तेज हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या अमेरिका भी हूतियों के खिलाफ सीधे सैन्य अभियान में शामिल होगा।

